मुजफ्फरपुर : महज 500 मीटर की दूरी पर 16 अस्पताल अवैध

मुजफ्फरपुर : जी हां!, महज 500 मीटर की दूरी पर 16 अस्पताल अवैध मिल जाने से जिला प्रशासन के रहमोकरम से ही अवैध अस्पताल के फलने-फूलने से इनकार नहीं किया जा सकता। जूरन छपरा मेन रोड, (जिला परिषद रोड से महेश बाबू चौक तक) मुजफ्फरपुर में संचालित कुल 16 निजी अस्पपतालों की पहचान की गयी है जो अवैध रूप से संचालित है। हालांकि कि उन अवैध अस्पतालों के नाम की सूची सार्वजनिक नहीं की गई है।

मामले में लोक चेतना दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता शकिन्द्र कुमार यादव ने जिले के जूरन छपरा मेन रोड (जिला परिषद रोड से महेश बाबू चौक तक) में चल रहें निजी अस्पलतालों के बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से क्लीनिक की जांच करते हुए बिना प्रमाण पत्र के संचालित अस्पतालों पर कार्रवाई करने के संबंध में परिवाद दायर किया था लेकिन जिला प्रशासन ने अवैध अस्पताल का बचाव करते हुए जांच नहीं की थी तब आवेदक ने द्वितीय अपील की।

5 नवम्बर को प्रधान सचिव, पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के द्वारा सुनवाई की गई जिसमें लोक प्राधिकार बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के सदस्य सचिव के प्रतिवेदन पत्र के साथ उपस्थित है। प्रतिवेदन में वर्णित है कि परिवाद में वर्णित जूरन छपरा मेन रोड, (जिला परिषद रोड से महेश बाबू चौक तक) मुजफ्फरपुर में संचालित कुल 16 निजी अस्पपतालों की पहचान की गयी है जो अवैध रूप से संचालित है। इन सभी इकाईयों को Proposed Closure Direction निर्गत की जा चुकी है। दो इकाईयों द्वारा नियमावली के प्रावधानों का अनुपालन किया गया है। पांच इकाईयों द्वारा Proposed Closure Direction के आलोक में आंशिक अनुपालन किया गया है। सात इकाईयों से कोई सूचना प्राप्त नहीं है, जिनके विरूद्ध कानूनी कार्रवाई की जा रही है, एवं दो इकाईयों के विरूद्ध पर्षद द्वारा Complaint Case दायर किया गया है।

अब इस मामले की सुनवाई 26 नवम्बर को होनी है जिसमे द्वितीय अपीलीय प्राधिकार द्वारा परिवाद में वर्णित शिकायत से संबंधित सारी अपेक्षित कार्रवाई बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के द्वारा की जाने तथा सभी इकाईयों पर अपेक्षित कार्रवाई करने के पश्चात बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद सुनवाई की अगली तारीख को अनुपालन प्रतिवेदन समर्पित करने का आदेश दिया है।

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