गया में रविवार से पितृपक्ष मेले का शुभारंभ होगा. हालांकि, मेला राजकीय नहीं है, पर लोग श्राद्ध-कर्मकांड कर सकते हैं. तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए स्थानीय प्रशासन ने जरूरी व्यवस्था की है. वहीं, कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन का निर्देश दिया गया है.प्रशासन ने कहा कि लोग कोशिश करें कि अधिक भीड़ नहीं जुटे. मेला क्षेत्र में कोरोना जांच के लिए टीमें तैनात की गयी हैं. गौरतलब है कि पितृपक्ष श्राद्ध रविवार से पुनपुन नदी में पिंडदान तर्पण के साथ शुरू होगा, जो छह अक्तूबर को अक्षयवट श्राद्ध के साथ संपन्न हो जायेगा. गया व बोधगया में 55 वेदियां हैं, जहां लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति व मोक्ष के लिए पिंडदान, श्राद्धकर्म व तर्पण करते हैं.

डीएम अभिषेक सिंह के नेतृत्व में वेदी स्थलों की समुचित सफाई करायी गयी है. इसके अलावा यातायात व्यवस्था, पानी, बिजली, सुरक्षा, विधि-व्यवस्था आदि को लेकर प्रशासन तत्पर है. प्रमुख वेदी स्थलों पर कोरोना जांच केंद्र के अलावा सहायता केंद्र भी बनाये गये हैं.

संवास सदन समिति कार्यालय में तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए कॉल सेंटर बनाया गया है. बाहर से आये तीर्थयात्रियों को पिंडदान का कर्मकांड करने से पहले कोरोना जांच से गुजरना अनिवार्य होगा.

श्रीविष्णुपद मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के सचिव गजाधर लाल पाठक ने कहा कि इस बार पिंडदानियों की संख्या काफी कम है. शनिवार को बंगाल, दक्षिण भारत, यूपी व देश के अन्य राज्यों से करीब 550 यात्री यहां पहुंचे. कई अन्य राज्यों से लोग अभी आ रहे हैं.

Source: Prabhat Khabar

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