राजधानी पटना के श्रीकृष्णापुरी स्थित आवास पर बीते रविवार को लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्थापक रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) की पहली बरसी मनाई गई. इस मौके पर उनके बेटे और एलजेपी सांसद चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने तमाम लोगों को पुण्यतिथि पर शामिल होने के लिए आमंत्रण दिया था. कई खास लोग पहुंचे भी. इस क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की ओर से चिराग पासवान को पत्र भी मिला था. इस पत्र को लेकर ही बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तराफी की है. सुशील कुमार मोदी खुद भी इस मौके पर शरीक होने के लिए पहुंचे थे.

सुशील कुमार मोदी ने रविवार को ट्वीट कर लिखा, “रामविलास पासवान केवल दलितों के नेता नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों का ख्याल रखने वाले संजीदा इंसान थे, इसलिए लोग दलगत भावना से ऊपर उठकर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पहली केंद्रीय कैबिनेट के दिवंगत साथी रामविलास जी को याद करते हुए उनके परिवार को लंबा पत्र लिख कर अपने बड़प्पन और उनसे गहरे लगाव का परिचय दिया.”

चिराग पासवान ने खुद की थी पत्र की तारीफ

बता दें कि पत्र मिलने के बाद खुद एलजेपी सांसद चिराग पासवान ने एबीपी न्यूज से रविवार को बातचीत की थी. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मिले पत्र के बारे में भी जिक्र किया था. उन्होंने खुद ही कहा था कि उनके पिता की हर बातों को पत्र में काफी बेहतर तरीके से लिखा गया है. इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद भी दिया था. इस मौके पर उन्होंने सोनिया गांधी को भी धन्यवाद दिया था.

वहीं, गुजरात में पहली बार विधायक बने भूपेंद्र भाई पटेल के बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने पर सुशील कुमार मोदी ने बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह सामान्य कार्यकर्ता का सम्मान है और साबित करता हा कि पार्टी में वंशवाद के लिए कोई जगह नहीं. उन्होंने भूपेंद्र पटेल की नेतृत्व क्षमता पर विश्वास करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का आभार जताया.

Source: abp news

Previous articleप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगे बिहार के मंत्री मुकेश सहनी, अधिकार का है मुद्दा
Next articleबिहार का एक ऐसा गांव जहां सबसे अधिक नेपाल के लोग, इनके लिए साल का 2 महीना ही कामयाब, जानें पूरा मामला