स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा है कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के लिए 1050 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है. प्रदेश के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में चिकित्सकीय व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 25 स्वास्थ्य संस्थानों से सर्टिफिकेट इन कम्युनिटी हेल्थ कोर्स के लिए 1050 अभ्यर्थियों का नामांकन लिया गया है.

सर्टिफिकेट कोर्स में सफलता प्राप्त अभ्यर्थी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के तौर पर पदस्थापित होंगे. इससे पहले भी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर 1083 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी पदस्थापित किये जा चुके हैं.

उन्होंने बताया कि सेंटर पर कालाजार, मलेरिया, ब्लड प्रेशर, हृदय रोग व इएनटी समेत 12 तरह की बीमारियों का इलाज किया जाता है. गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं, बच्चों व किशोरों के स्वास्थ्य की देखभाल भी की जाती है.स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) व स्वास्थ्य उपकेंद्र (हेल्थ सब सेंटर) को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में परिवर्तित किया जा रहा है.

राज्य में वर्तमान में 2285 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर काम कर रहे हैं. राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के साथ-साथ संसाधनों की उपलब्धता को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग का प्रयास जारी है. केंद्र सरकार से मिल रहे सहयोग के अलावा राज्य सरकार भी अपने स्तर से स्वास्थ्य संस्थानों में इन्फ्रास्ट्रचर की व्यवस्था करा रही है.

मानव बलों की बढ़ोतरी को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग आवश्यक कार्रवाई कर रहा है. मेडिकल कॉलेज सह अस्पतालों से लेकर पीएचसी तक डॉक्टर्स, नर्सेस और पैरा मेडिकल स्टाफ सहित अन्य कर्मियों की संख्या बढ़ायी जा रही है.

Source: Prabhat Khabar

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