बिहार में वकालत की पढ़ाई के लिए तैयारी करने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है। पटना हाईकोर्ट ने राज्य के 17 लॉ कॉलेजों में एडमिशन पर लगाई गई रोक को हटा दिया है। हालांकि इसके लिए अदालत ने BCI की अनुमति और NOC पाने की शर्त भी रखी है।

umanag-utsav-banquet-hall-in-muzaffarpur-bihar

कानून की पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों को बड़ी राहत देते हुए पटना उच्च न्यायालय ने बुधवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) की ओर से दिए गए अनापत्ति प्रमाण पत्र के आलोक में राज्य के 17 लॉ कॉलेजों को नए प्रवेश लेने की अनुमति दे दी। मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने कुणाल कौशल की ओर से दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए लॉ कॉलेज में प्रवेश के संबंध में 22 मार्च, 2021 के अपने पहले के स्थगन आदेश में ढील दी है। इस तरह से बिहार में लॉ पढ़ने की ख्वाहिश रखने वाले छात्रों के लिए ये बड़ी राहत है।

clat

सत्र 2021-22 के लिए बिहार के लॉ कॉलेजों में नए प्रवेश पर पिछले साल उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी थी। बीसीआई की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर कॉलेजों को छह अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया था। पहली तीन श्रेणियों में 17 कॉलेजों को बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से निर्धारित शर्तों के अनुसार नए प्रवेश लेने की अनुमति दी गई है।अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह के प्रवेश के लिए मंजूरी केवल 2021-22 शैक्षणिक सत्र के लिए थी। बाद के सत्रों में एडमिशन बीसीआई के और अनुमोदन के आधार पर तय होगा।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि जहां तक शैक्षणिक सत्र के लिए दाखिले का सवाल है, बाकी कॉलेजों के लिए स्थगन आदेश जारी रहेगा। हालांकि, वो कॉलेज जो बार काउंसिल ऑफ इंडिया के मानदंडों के अनुसार अपने बुनियादी ढांचे में सुधार करेंगे, उन्हें अगले शैक्षणिक वर्ष के लिए प्रवेश के लिए अनुमति लेने का अधिकार होगा।

बिहार में उच्च शिक्षा की वर्तमान स्थिति पर एक महत्वपूर्ण अवलोकन में, मुख्य न्यायाधीश संजय करोल ने मौखिक रूप से टिप्पणी की और कहा कि ‘यह जानकर भयभीत हो गया कि मोतिहारी में एक विश्वविद्यालय से संबद्ध एक शिक्षक प्रशिक्षण कॉलेज अस्तित्वहीन पाया गया और वो केवल कागजों पर चल रहा था।’ शैक्षणिक संस्थानों की ओर से मानदंडों की पूर्ति पर जोर देते हुए, खंडपीठ ने मौखिक रूप से कहा कि राज्य को वर्तमान युग का नालंदा और विक्रमशिला जैसा बनाने का प्रयास होना चाहिए, ताकि दुनिया भर के छात्र आएं और ज्ञान प्राप्त करें।

Previous articleखगड़िया : गोरा बच्चा होने पर पति मारता था ताना, किया सुसाइड
Next articleदो बड़ी रेल परियोजना इस साल होगी पूरी, दो खण्ड में विभाजित मिथिला से सीधा संपर्क
पत्रकार नए ज़माने का