भारतमाला परियोजना के दूसरे चरण (भारतमाला-2) में बिहार की आठ नेशनल हाइवे को शामिल करने पर केंद्र सरकार ने प्रारंभिक सहमति दे दी है। इनकी लागत का शुरुआती आकलन करीब 60 हजार करोड़ रुपए है। इन आठ एनएच परियोजनाओं को भारतमाला में शामिल कराने के संबंध में शुक्रवार को पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन की दिल्ली में केंद्रीय पथ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आला अधिकारियों से गंभीर बात हुई जिसमें ये बात सामने आयी कि केन्द्र बिहार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले उन नेशनल हाइवे को 4 लेन निर्माण बनाने को तैयार है।

इस मसले पर अगस्त महीने के पहले हफ्ते में बिहार सरकार ने केन्द्र के पास प्रस्ताव भेजा था। नितिन ने बताया कि अब प्रारंभिक स्तर पर सहमति बनने के बाद केन्द्र सरकार से औपचारिक रुप से अंतिम रुप से मंजूरी मिलेगी और फिर डीपीआर बनाया जायेगा। इनमें निर्माणाधीन इण्डो-नेपाल बार्डर, पटना-कोलकाता एक्सप्रेस, बक्सर-पीरो-अरवल-जहानाबाद-बिहारशरीफ पथ, दलसिंहसराय-सिमरी-बख्तियारपुर ग्रीन फील्ड पथ, दिघवारा से नेपाल बार्डर रक्सौल पथ, सुल्तानगंज से देवघर पथ, रामजानकी में सिवान के रास्ते मशरख होते हुए मुजफ्फरपुर 4 लेन पथ शामिल है।

ये हैं परियोजनाएं

  • 1. पटना-कोलकाता एक्सप्रेस वे वाया बिहारशरीफ-कटोरिया लंबाई-470 किमी, लागत-17900
  • 2. इंडो-नेपाल बॉर्डर रोड को 4 लेन किया जाये लंबाई- 552
    किमी, लागत-21000
  • 3. बक्सर से बिहारशरीफ वाया पीरो, अरवल, जहानाबाद, लंबाई- 165 किमी, लागत- 4600
  • 4. दलसिंहसराय से सिमरी बख्तियारपुर लंबाई- 70 किमी, लागत-2700
  • 5. दिघवारा से रक्सौल वाया मशरख, पिपराकोठी, मोतिहारी लंबाई-135 किमी, लागत-5200
  • 6.सुलतानगंज अगुवानीघाट पुल से देवघर लंबाई- 83 किमी, लागत- 3200
  • 7.मशरख से मुजफ्फरपुर बनेगी सड़क लंबाई- 55 किमी, लागत-2100
  • 8. अररिया से परसरमा वाया सुपौल लंबाई- 112 किमी (लागत-करोड़ रुपए में)Source: Dainik Bhaskar

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