मुजफ्फरपुर. वायरल बुखार से पीड़ित 122 बच्चों का इलाज एसकेएमसीएच व केजरीवाल अस्पताल में चल रहा है. इसमें एसकेएमसीएच में 90 और केजरीवाल अस्पताल में 68 बच्चों का इलाज चल रहा है. बुधवार को एसकेएमसीएच में पिछले 24 घंटे में 10 नये बच्चे भर्ती हुए हैं, जबकि केजरीवाल अस्पताल में 36 बच्चे भर्ती किये गये हैं.इलाज के बाद एसकेएमसीएच में स्वस्थ हुए 36 बच्चों को डिस्चार्ज कर दिया गया. केजरीवाल अस्पताल से भी 37 बच्चे डिस्चार्ज किये गये हैं. एसकेएमसीएच के शिशु विभागाध्यक्ष डाॅ गोपाल शंकर सहनी ने बताया कि बिना सूचना के चार बच्चों को परिजन पीकू वार्ड से लेकर चले गये हैं.

इधर, पिछले छह सितंबर से सभी पीएचसी से रिकार्ड मंगाये जा रहे हैं कि कितने बच्चे ओपीडी में वायरल बुखार के आ रहे हैं. सीएस डॉ विनय कुमार शर्मा ने कहा कि वायरल बुखार और ब्रोंकाइटिस का पता लगाने के आशा घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं. विशेष रूप से साहेबगंज, मोतीपुर, कटरा में अधिक सावधानी बरती जा रही है. सबसे अधिक केस इन्हीं इलाकों से सामने आये हैं.

ओपीडी में नहीं हुआ मरीज का इलाज परिजनों का हंगामा
एसकेएमसीएच के आउटडोर में मरीजों ने इलाज नहीं करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. इसके कारण आधा घंटे तक इलाज बाधित रहा. निजी गार्ड के हस्तक्षेप से सब कुछ सामान्य हुआ. आउटडोर पर इलाज कराने आए कुढनी के सरोज ने बताया कि सुबह 8 बजे से लेकर 12 बजे तक इलाज के लिये खड़े थे. लेकिन डॉक्टर के नहीं आने पर इलाज नहीं हुआ. उसने कहा कि आउटडोर की सीसीटीवी से निगरानी होनी चाहिए.

पूर्वी चंपारण अकौना के नवीन कुमार ने बताया कि उनको आउटडोर में नहीं देखा गया. वहां पर तैनात चिकित्सक ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया. सही तरीके से व्यवहार नहीं किया. उसने पुलिस चौकी में शिकायत की है. अस्पताल प्रबंधक संजय कुमार साह ने बताया कि न पुलिस और न किसी भी मरीज की ओर से लिखित शिकायत मिली है.उनको इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है. जब कार्यालय में शिकायत आएगी तो उसकी जांच होगी. प्रबंधक ने कहा कि इन दिनों ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है. लेकिन जो मरीज आ रहे उनका इलाज होता ही है. वह अपने स्तर से खुद जांच कर रहे हैं.

इमरजेंसी में नहीं थे डॉक्टर, तो मरीज को निजी अस्पताल ले गये
गायघाट का सुरेंद्र कुमार बुधवार को चमकी बुखार से पीड़ित बच्चे को लेकर एसकेएमसीएच के इमरजेंसी में पहुंचे. ऑटो से बच्चे को उतारने के बाद सीधे इमरजेंसी में गये, लेकिन उनके बच्चे का किसी ने केयर नहीं किया. सुरेंद्र ने कई बार कर्मियों से हाथ जोड़ मिन्नत की, लेकिन डॉक्टर के नहीं होने की बात कही गयी. इसके बाद वे गोद में बच्चे को उठाकर व्यवस्था को कोसते हुए निकल गये.

सुरेंद्र ने बताया कि उनका बेटा अमित चमकी बुखार से पीडि़त है. वे बच्चे को लेकर निजी अस्पताल जा रहे हैं. इस संबंध में प्रबंधक संजय कुमार साह ने बताया कि उनके पास किसी मरीज की शिकायत नहीं आयी है. इमरजेंसी में चिकित्सक व दवा की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहती है. वे इसकी छानबीन करेंगे.

Source: Prabhat Khabar

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