बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) में डिजिटलाइजेशन की कड़ी को एक कदम और बढ़ाते हुए 19 मार्च, सोमवार से डाॅक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम (डीएमएस) की शुरुआत की जा रही है. राज्य के सभी नौ प्रमंडलों में स्थित बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों को इस सिस्टम से जोड़ा गया है. इस शुरुआत के साथ ही बोर्ड मुख्यालय स्थित माध्यमिक प्रभाग के सभी काउंटरों को उक्त तिथि से बंद कर देने का निर्णय लिया गया है. यह सिस्टम शुरू होने से विद्यार्थियों को अपने प्रमाण पत्र वगैरह में सुधार व इस तरह की छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए पटना स्थित बोर्ड कार्यालय नहीं आना पड़ेगा, बल्कि संबंधित या किसी भी प्रमंडल में स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में जाकर डीएमएस के माध्यम से काम करा सकते हैं.

बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने शनिवार को अपने कार्यालय कक्ष में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इसके लिए पटना में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, गर्दनीबाग में केंद्र बनाया गया है जहां छह कंप्यूटर लगाये गये हैं. शेष आठ प्रमंडलीय कार्यालयों स्थित केंद्र पर एक-एक कंप्यूटर लगाये गये हैं. अटलांटा यूएसए की जार्जिया टेक कंपनी ने डीएमएस सॉफ्टवेयर विकसित किया है.

त्रुटि व छोटी समस्याओं का निष्पादन एक दिन में

बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि डीएमएस के माध्यम से सारे कामकाज ऑनलाइन होंगे. प्रमाण पत्र में त्रुटि में सुधार, डुप्ली केट मार्कशीट निर्गत करने जैसे कार्यों का निष्पादन क्षेत्रीय कार्यालय में ही एक दिन में कर दिया जायेगा. क्षेत्रीय कार्यालय में कंप्यूटर के साथ प्रिंटर भी लगा होगा, जिससे प्रमाण पत्र तुरंत प्रिंट कर निर्गत कर दिया जायेगा. इसके अलावा जहां कि सी बड़े सुधार की गुंजाइश होगी, उसके लिए संबंधित स्कूल अथवा कॉलेज को पत्र लिखा जायेगा. सत्यापन के पश्चात यथाशीघ्र उसका भी निष्पादन कर दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि एफिलिएशन के लिए आवेदन करनेवाले संस्थानों को भी अब बोर्ड कार्यालय नहीं आना पड़ेगा. ऑनलाइन आवेदन ही लिये जायेंगे. इसके लिए लीगल, विजिलेंस व एफिलिएशन मॉड्यूल तैयार कर लिया गया है.

Input : Prabhat Khabar

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