अच्छी पहल: इस गांव में अब नहीं होगा मृत्यु भोज, ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से ली शपथ

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बिहार के खगड़िया जिले के रामपुर गांव के सैकड़ों युवाओं ने गांव के बाबा थान में मृत्युभोज को खत्म करने के लिए सामूहिक रूप से संकल्प लिया। रामपुर के मुखिया कृष्णानंद यादव ने इन युवाओं और ग्रामीणों को इसकी शपथ दिलाई। बीते मंगलवार को शपथ लेते हुए युवाओं ने कहा कि वे मृत्युभोज का बहिष्कार तो करेंगे ही साथ ही इसके खिलाफ अभियान भी चलाएंगे। लोगों को जागरूक भी करेंगे।

सामाजिक जागरूकता का यह कारवां कभी नहीं रुकेगा। बता दें कि एक साल पूर्व गोगरी के ही उसरी के लोगों ने कटिहारी भोज नहीं खाने का निर्णय लिया था। यह परंपरा अब भी वहां जारी है। कुल मिलाकर यह सामाजिक बदलाव की ओर इशारा कर रहा है।

दो दिन पूर्व ग्रामीणों ने की थी बैठक

मृत्युभोज से मुक्ति की कसमसाहट रामपुर के लोगों को काफी पहले से चल रही थी। मंगलवार की रात रामपुर मुखिया की अगुवाई में ग्रामीणों की बैठक भी हुई। बैठक में यह बताया गया कि मृत्युभोज समाज में फैली कुरूति है। यह समाज के लिए अभिशाप है। मुखिया यादव ने कहा कि किसी भी धर्मग्रंथ में मृत्युभोज का विधान नहीं है।

इस मौके पर मृत्युभोज बहिष्कार करने का प्रस्ताव लाया गया। इस प्रस्ताव को ग्रामीणों ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। ग्रामीण धर्मेन्द्र कुमार यादव, भूदेव सहनी, रणवीर यादव, प्रसादी सहनी, सुरेश साह, डॉ. दिलीप कुमार, संतोष कुमार आदि ने कहा कि रामपुर गांव में आज से मृत्युभोज पर पाबंदी रहेगी।

Input : Live Hindustan