अब राहत केंद्रों पर मिलेगी साड़ी, धोती, लुंगी व गंजी

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पटना : सरकार ने शहरी क्षेत्र में निर्धन व निराश्रित लोगों के लिए बने आपदा राहत केंद्रों पर रहने वाले लोगों को भोजन के साथ-साथ कपड़े भी उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। महिलाओं को एक साड़ी, साया, ब्लाउज, पुरुषों को एक लुंगी, धोती, गंजी व गमछा दिया जाएगा। वहीं छोटी बच्चियों को फ्रॉक, पैंट, बच्चों को शर्ट-पैंट दिए जाएंगे। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को इस बारे में निर्देश जारी किया है।

आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी निर्देश में इस बात का जिक्र है कि जो लोग आपदा राहत केंद्रों पर रह रहे हैं उन्हें नहाने व कपड़ा धोने को एक-एक साबुन, शैंपू का पाउच, कंघी, छोटा आइना, टूथ पेस्ट व ब्रश भी उपलब्ध कराए जाएं। नए निर्देश के तहत यह व्यवस्था की गयी है कि जो लोग क्वारंटाइन सेंटर में हैं उन्हें एक स्टील की थाली, कटोरी व एक गिलास दिया जाए। लौटते समय वे इसे अपने घर ले जाएंगे। उसी तरह अगर कोई छोटे बच्चे के साथ क्वारंटाइन सेंटर पर है तो उसे स्टील की एक छोटी थाली, कटोरी व गिलास दिया जाएगा।

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राहत केंद्रों पर दिन-रात के भोजन के अतिरिक्त सुबह में नाश्ता दिए जाने का भी प्रावधान किया गया है। राहत केंद्रों पर रह रहीं महिलाओं व पुरुषों की सेवा भोजन तैयार कराने में ली जा सकती है। इसके लिए उन्हें श्रम संसाधन विभाग द्वारा तय पारिश्रमिक का भुगतान किया जाएगा। यह हिदायत दी गयी है कि किसी भी कीमत पर बासी भोजन का इस्तेमाल नहीं किया जाए। पूड़ी तथा तले हुए खाद्य पदार्थो की आपूर्ति नहीं होगी। यह पूर्णत: प्रतिबंधित है। छह वर्ष तक के बच्चों को सुबह-शाम दूध का पाउडर उपलब्ध कराया जाएगा। राहत केंद्रों पर वस्त्र और बर्तन पर खर्च होने वाली राशि का भुगतान मुख्यमंत्री राहत कोष से किया जाएगा।