क्या कुछ खास है बिहार के छात्रों के लिए बजट में

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बिहार सरकार ने इस बार के बजट में शिक्षा पर सबसे ज्यादा जोर दिया है। शिक्षा पर 2020-21 में 35 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें राजस्व मद में 33,950 करोड़ एवं पूंजीगत मद में 1,240 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं। उन्नयन योजना के लिए सरकार ने 50 करोड़ रुपए का बजट तैयार किया है। इस योजना के अंतर्गत कक्षा 9 एवं 10 के छात्रों के लिए स्मार्ट क्लासरूम बनाए जाएंगे। सभी विषयों का अध्यापन कार्य ई-कंटेंट के माध्यम से होगा तथा 5,565 विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम बनाए जा रहे हैं।

अप्रैल 2020 से बिहार के सभी 8,386 पंचायतों में कक्षा 9 की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इसके लिए विद्यालयों में 2,750 अतिरिक्त वर्गकक्षों, शौचालय एवं अन्य सुविधाओं के निर्माण के लिए 409.47 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। वर्ष 2019-20 में कंपोजिट स्कूल ग्रांट के लिए 72,534 विद्यालयों के लिए 403.53 करोड़ की राशि जिलों को उपलब्ध करा दी है। सुशील मोदी ने बताया कि मध्याहन भोजन योजना के अंतर्गत वर्ग एक से आठ तक के बच्चों को हर रोज पोषक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य के 10,097 विद्यालयों में किचेन गार्ड लगाने का लक्ष्य है। जमुई के सिमुलतला आवासीय विद्यालय के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 75 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। 20 करोड़ की लागत से यूएनएफपीए द्वारा ‘तालिम नौ बालगान’ की शुरूआत की जाएगी।

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत 15 जुलाई 2017 से 10 फरवरी 2019 तक 85,448 छात्रों को 2,184.25 करोड़ रुपए का ऋण स्वीकृत किया गया है। इसमें 73,141 छात्रों को 850.76 करोड़ का ऋण दिया जा चुका है। मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के अंतर्गत 4,14,510 युवकों को 497.1 करोड़ रुपए भत्ता के रूप में वितरित किया गया है। मोदी ने बताया कि कुशल युवा कार्यक्रम के तहत अब तक 9,50,264 आवेदकों को प्रशिक्षण दिया गया है। 79,406 लोग प्रशिक्षणरत हैं। वर्तमान में 1,717 प्रशिक्षण केंद्र संचालित हैं। सात निश्चय योजना के अंतर्गत राज्य के 319 शैक्षणिक संस्थानों में निःशुल्क वाईफाई स्थापित किया जा चुका है।

सोर्स- दैनिक भास्कर