बेटियों के जिम्मे बिहार का भागलपुर स्टेशन, ट्रेन चलाने से लेकर पैनल कंट्रोल तक संभाल रही हैं

दुनिया में ऐसा कोई काम नहीं जो महिलाएं नहीं कर सकती हैं एक तरफ महिलाएं चांद को भी छू कर आ गई और अब तो भारतीय सेना में भी पुरुष सैनिकों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चल रही है महिलाएं लेकिन मालदा मंडल ने नारी सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए एक अनूठी पहल की है जिसकी तारीफ पुरे देश में हो रही है । मालदा मंडल का भागलपुर स्टेशन इस समय भारत का पहला ऐसा स्टेशन बना है जो नारी सशक्तीकरण कही न कही को बढ़ावा दे रहा है ।

ट्रेनों के संचालन के लिए स्टेशन मास्टर पैनल में चार महिला पदाधिकारियों की नियुक्ति करकर भागलपुर स्टेशन ने मास्टर पहल कि है और सभी महिलाएं दक्षता के साथ ट्रेन परिचालन का कार्य कर रही हैं। ट्रेन परिचालन के लिए आधुनिक टेक्नोलॉजी पैनल सिस्टम पर सभी को तैनात किया गया है वे पैनल बटन दबाकर सिग्नल से लेकर रेलवे ट्रैक चेंज करने का काम कर रही हैं ।

मालदा मंडल की रेल मंडल प्रबंधक श्वेता भारती ने कहां कि महिलाओं के कंधे पर बड़ी जवाबदेही दी है। श्वेता भारती, श्वेता वर्मा, पूजा कुमारी और सोनाली अभी ट्रेन ऑपरेट करने का काम बखूबी निभा रही हैं। ये सभी महिला रेल अधिकारी पुरुषों की ही तरह निर्धारित मानकों के अनुरूप अपने कर्तव्यों का पालन कर रही हैं । इस रेलवे स्टेशन के ट्रेनों के परिचालन के सभी काम अलग-अलग शिफ्टों में 24 घंटे महिलाएं ही संभालती हैं। महिला कर्मियों ने कहा कि शुरुआती दौर में उन्हें परेशानियां हुई थीं, लेकिन समय के साथ वे इस कार्य में दक्ष होती गईं और अब वे आराम से ट्रेनों का संचालन कर रही हैं। यहां काम करने वाली सभी महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है कि ताकि वे किसी बड़े रेलवे स्टेशन पर काम करने के दौरान पेश आनेवाली चुनौतियों का भी आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।

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