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रामविलास की ‘आशा’ ही दिलाएंगी उन्हें निराशा, हाजीपुर से होंगी लोकसभा की राजद प्रत्याशी

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लोजपा सुप्रीमो व केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान के गढ़ हाजीपुर में उन्हीं की बेटी आशा पासवान अपने पिता के कुनबे को चुनौती देने के लिए तैयार हैं। आशा पासवान रामविलास पासवान की पलिी पत्नी राजकुमारी देवी की दूसरी पुत्री हैं। राजकुमारी देवी उषा और आशा नामक दो बेटियों की मां हैं।

रामविलास पासवान ने 1981 में राजकुमारी देवी को तलाक दे दिया था। उसके बाद उन्हों 1983 में अमृतसर निवासी पंजाबी हिंदू रीना पासवान से दूसरी शादी कर ली थी जिनसे रामविलास को एक पुत्र चिराग पासवान (सांसद) और एक पुत्री है।

2014 के लोकसभा चुनाव में चुनाव हलफनामें में पत्नी के नाम पर उत्पन्न विवाद के बाद रामविलास पासवान ने खुद यह स्वीकार किया था कि उन्होंने अपनी पहली पत्नी को तलाक दे दिया। आशा देवी की शादी राजद नेता अनिल कुमार साधू से हुई है। अनिल कुमार साधू पूर्व विधायक स्व. पुनीत राय के इकलौते पुत्र हैं। पुनीत राय फतुहा विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक रहे हैं।

कभी अपने ससुर की पार्टी लोजपा में रहे अनिल साधू ने खुद को तिरस्कृत किए जाने को लेकर लोजपा छोड़ दी और राजद से जुड़ गए। वर्तमान में ये राजद के एसटी/एससी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष हैं। रामविलास पासवान 17वीं लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ेगें। उन्हें राज्यसभा में भेजा जाएगा। ऐसे में हाजीपुर सुरक्षित सीट से रामविलास के छोटे भाई और लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस का हाजीपुर से चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है जिन्हें चुुनौती देने के लिए उनकी भतीजी आशा पासवान अभी से ही सक्रिय हैं।

आशा पासवान हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र का लगातार दौरा और जनसंपर्क कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनके पुत्र तेजस्वी यादव ने भी आशा पासवान को हाजीपुर से प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर अपनी सहमति प्रदान कर दी है। आशा पासवान अपने पति और पुत्र आशीष पासवान के साथ मकर संक्रान्ति को राबड़ी देवी के आवास पर जाकर उनसे आर्शीवाद भी लिया। आशा देवी और उनके पति ने पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से भी मुलाकात की थी।

आशा पासवान अपने ही पिता और उनके कुनबे के खिलाफ बगावत और चुनाव लड़ने की घेषणा से लोजपा खेमे में खलबली मची हुई हैं। बिहार से लोजपा के अभी छह सांसद हैं। जिनमें हाजीपुर से खुद रामविलास, जमुई से उनके पुत्र चिराग पासवान, समस्तीपुर से उनके भाई रामचंद्र पासवान मुंगेर से पूर्व सांसद सुरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी, खगड़िया से चौधरी महबूब अली कैसर और वैशाली से रामकिशोर सिंह उर्फ रामा सिंह का नाम शामिल है।

हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र यादव बहुल क्षेत्र है। इसमें कहीं दो राय नहीं कि यादव राजद को छोड़कर किसी अन्य पार्टी को वोट नहीं देंगे। अगर आशा पासवान राजद की प्रत्याशी बनती हैं तो उन्हें उनकी जाति का वोट तो मिलेगा ही यादव व मुसलमान सहित अन्य जातियों का खासकर उनकी मां राजकुमारी देवी के साथ हुए अन्याय का प्रतिशोधात्मक वोट भी पड़ेगा। राजकुमारी देवी वर्तमान में रामविलरास पासवान के पैतृक गांव शहरबन्नी में एकाकी जीवन जी रही हैं। अब देखना यह है कि होने वाले लोकसभा चुनाव में हाजीपुर में ऊंट किस करवट बैठता है।

Input : Khabar Manthan

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