जेल से निकलने के बाद छे’ड़खानी के 3 आरोपियों को 15 दिनों तक पी’ड़ित लड़की से रोज मांगनी होगी माफी

117

व्यवहार न्यायालय दरभंगा के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश संजय अग्रवाल की अदालत ने एक नाबालिग के साथ छे’ड़खानी के मामले में तीन आ’रोपियों को अनोखी शर्त पर जमानत दी है। जमानत पर जेल से बाहर आने पर इस कांड के तीनों आ’रोपियों को लगातार 15 दिनों तक पी’ड़ित लड़की से माफी मांगनी होगी। इसके अलावा वहां के स्थानीय विद्यालय में जाकर साफ-सफाई करनी होगी। साथ ही पीड़िता को स्कूल के प्रधानाध्यापक जागरूक करेंगे।

गत 17 नवंबर को कमतौल थाने के एक गांव में कोचिंग जा रही नाबालिग लड़की को तीन लड़कों ने बुरी नजर से बगीचा में ले जाकर छेड़खानी की। इसको लेकर कमतौल थाना में भादवि की धारा 354 (बी)/34 एवं पॉक्सो की धारा 8 में कांड संख्या 176/19 दर्ज किया गया।

एडीजे अग्रवाल ने राम श्रंगारी कन्या उवि के एचएम को किया निर्देशित
इस मामले में अहियारी उत्तरी गांव के हसमत खां, अकबर एवं अफजल गत 18 नवंबर से दरभंगा मंडल कारा में बंद है। काराधीन तीनों अभियुक्तों को एडीजे अग्रवाल की अदालत ने जमानत दी है। जमानत पर जेल से बाहर आने पर लगातार 15 दिनों तक तीनों अभियुक्तों को पीड़ित लड़की से माफी मांगनी होगी।

इसके अतिरिक्त वहां के स्थानीय विद्यालय में जाकर साफ-सफाई करनी होगी। एडीजे अग्रवाल ने राम श्रंगारी कन्या उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक को निर्देशित किया है कि तीनों अभियुक्तों द्वारा 15 दिनों तक आदेश का अनुपालन किया है कि नहीं, इसका प्रतिवेदन समर्पित करें। वहीं, बालिका को प्रधानाध्यापक जागरूक करेंगे।

अन्य छात्राओं ने शोर मचाकर बचाई थी नाबालिग की इज्जत
नाबालिग छात्रा को औराही बगीचा के पास पूर्व से घात लगा कर बैठे चार मनचलों ने गलत नीयत से अगवा कर लिया और बगीचा में ले गए। इसे देख पीछे से आ रही अन्य छात्राओं ने शोर मचाया। लड़कियों का शोर सुनकर ग्रामीणों ने चारों मनचलों को दबोचकर कमतौल पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस हिरासत में गिरफ्तार चारों मनचलों ने अपना अपना गुनाह कबूल लिया। इस मामले में अहियारी उत्तरी निवासी अमीर हसन खां के पुत्र हसमत खां, रंजीत कुमार के पुत्र अमलेश कुमार, मो. हुसैन नदाफ के पुत्र मो. अकबर एवं मो. खुर्शीद के पुत्र मो. अफजल को आरोपी बनाया गया था, जिसमें से तीन आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए एडीजे ने सशर्त बेल दी।