आज रामविलास पासवान की दसवीं है, एक तरह से कहा जाए तो नह केश, कल एकादशा और परसों द्वादशा का कर्म किया जाएगा, इस अवसर पर आज चिराग पासवान ने गंगा घाट पर जाकर पिंडदान किया वहीं, बाल कटवाकर नह केश विधि को पूर्ण किया.

केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन बेटे चिराग आज भी उनकी याद में खुद के आंसू नहीं रोक पाते हैं. दरअसल, चिराग पासवान अपने पिता का पिंडदान करने गंगा घाट पहुंचे थे. जहां पिंडदान करते करते चिराग कई बार अपने पिता की याद में इमोशनल हो गए.

उनके चचेरे भाई प्रिंस राज, कृष्णराज सहित अन्य लोग साथ थे. सभी चिराग के साथ चल रहे थे और उनका ढांढस बढ़ा रहे थे. आपको बता दें कि चिराग ने भारतीय परंपरा का निर्वहन करते हुए गंगा किनारे पिता का पिंडदान किया.

8 अक्टूबर को रामविलास पासवान का निधन हो गया था. राष्ट्रीय सम्मान के साथ 10 अक्टूबर की शाम पटना के दीघा स्थित जर्नादन घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम संस्कार के दौरान भी चिराग कई बार रोते नजर आए. मुखाग्नि देने के वक्त को चिराग पासवान बेहोश हो गए थे. जिसके बाद परिवार के लोगों ने उन्हे संभाला. चिराग पासवान अपने पिता रामविलास पासवान का श्राद्ध कर्म करने के बाद 21 अक्टूबर से चुनावी दौरे पर निकलें.