गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह हुई भारी बारिश से पटना के राजेंद्र नगर, कंकड़बाग, कदमकुंआ और आसपास के इलाके में जल जमाव हो गया। राजेंद्र नगर स्थित मोइनुल हक स्टेडियम तालाब में तब्दील हो गया। यहां घुटने तक पानी भर गया। यही हाल सड़कों पर दिखा। लोग घुटने भर पानी में चलने को मजबूर दिखे। बहादुरपुर, रामपुर समेत कई मोहल्ले जलमग्न हुए। राजबंशी नगर इलाके में कई घरों में पानी घुस गया।

सितंबर 2019 में हुई भारी बारिश में पटना डूब गया था। एक सप्ताह से अधिक समय तक पटना के कई इलाके पानी में डूबे रहे। राजेंद्र नगर स्थित अपने घर में उप मुख्यमंत्री जल कैदी बन गए। तीन दिन बाद उन्हें एनडीआरएफ के जवानों ने रेस्क्यू किया। इस साल मानसून की पहली बारिश में हुए जल जमाव ने पिछले साल की यादें ताजा कर दी।


राजेंद्र नगर में सड़क पर भरा बारिश का पानी।

सड़क पर उतरे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना में जल जमाव से निपटने के लिए की गई तैयारियों का जायजा लेने सड़क पर उतरे। उन्होंने पटना नगर निगम के सात अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा किया। नीतीश पाटलिपुत्र कॉम्प्लेक्स, योगीपुर संप हाउस और ड्रेनेज, पहाड़ी ड्रेनेज, बादशाही पइन, बस टर्मिनल बैरिया और गांधी सेतु इलाके में गए। सीएम ने करीब 3 घंटे तक इन इलाकों का घूम-घूम कर जायजा लिया।
योगीपुर संप हाउस का जायजा लेने पहुंचे नीतीश कुमार।


राजेंद्र नगर में हुआ जल जमाव।

तेजस्वी ने ट्वीट कर उठाया सवाल
राजद नेता तेजस्वी यादव ने पटना में हुए जलजमाव पर ट्वीट कर सवाल उठाया है। उन्होंने एक वीडियो भी पोस्ट किया। तेजस्वी ने लिखा कि पहली बारिश के बाद स्मार्ट सिटी पटना में फिर जलजमाव हुआ। पिछले साल पटना में जो हुआ उससे भी कोई सबक नहीं लिया। कथित सुशासन के भ्रष्टाचारिक कचरे ने पटना सहित सभी जिला मुख्यालयों को नरक बना दिया है। क्या 15 वर्षीय नीतीश सरकार इसका दोष अब विपक्ष को देगी? हम जल जमाव का जायजा लेने जाएंगे।’


Sources:-Dainik Bhasakar