फरवरी में होनेवाली मैट्रिक-इंटर की वार्षिक परीक्षा 2021 के अलावा बिहार बोर्ड इसी साल अप्रैल-मई में एक और परीक्षा आयोजित करेगा। इसमें इंटर और मैट्रिक में शामिल होने से वंचित छात्र भाग लेंगे। मैट्रिक व इंटर वार्षिक परीक्षा के सभी रजिस्टर्ड विद्यार्थी जो कॉलेज व स्कूल स्तर पर आयोजित सेंटअप परीक्षा में पास हैं लेकिन शिक्षण संस्थानों के प्रधान की लापरवाही से ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म नहीं भर पाए हैं, वैसे विद्यार्थियों के लिए छात्रहित में विशेष परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।

परीक्षा अप्रैल-मई में लेने के बाद रिजल्ट मई-जून में घोषित कर दिया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को उच्चतर शिक्षा ग्रहण करने के लिए साल बर्बाद न करना पड़े। उनका उसी सत्र में नामांकन हो सके, इससे उनके एकेडमिक सेशन का नुकसान नहीं होगा। विशेष बात यह है कि ऐसे सभी परीक्षार्थियों का रिजल्ट डिवीजन में जारी किया जाएगा।

बिहार बोर्ड ने जारी किया मैट्रिक एवं इंटर का मॉडल पेपर
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर एवं मैट्रिक का मॉडल पेपर जारी कर दिया। बोर्ड ने इस वर्ष मॉडल पेपर के प्रश्नों की संख्या बढ़ा दी है। विकल्प बढ़ने से छात्रों को सुविधा होगी। परीक्षार्थी प्रश्न पत्रों में से प्रश्नों का चयन कर सवालों का उत्तर दे सकते हैं। इससे उन्हें बेहतर अंक प्राप्त होने की उम्मीद की जा रही है। बोर्ड की वेबसाइट यह देखा जा सकता है।

35 पेज का होगा विज्ञान का प्रश्न पत्र
बिहार बोर्ड द्वारा जारी मॉडल पेपर के अनुसार विज्ञान का प्रश्न पत्र कुल 35 पेज का होगा। वहीं संस्कृत का प्रश्न पत्र 21 पेज का होगा। शिक्षकों का कहना है कि छात्रों को मॉडल पेपर से नियमित रूप से अभ्यास करने की जरूरत है। इससे उन्हें परीक्षा में काफी लाभ होगी।

एक फरवरी से इंटर की परीक्षा
बिहार बोर्ड द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एक फरवरी से इंटर की परीक्षा आयोजित की जाएगी। इंटर की परीक्षा एक फरवरी से 13 फरवरी तक चलेगी। इसमें राज्यभर से 13 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे। वहीं मैट्रिक की परीक्षा 17 से 24 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। मैट्रिक में 15 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे।