Patna: बिहार पुलिस में अब ट्रांसजेंडरों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है. नीतीश सरकार के बड़े फैसले के साथ अब पुलिस बल में ट्रांसजेंडरों बहाली की जायगी । अब सिपाही और अवर निरीक्षक के पदों पर किन्नरों की सीधी नियुक्ति की जाएगी। राज्य सरकार की स्वीकृति के बाद गृह विभाग ने शुक्रवार को इससे जुड़ा संकल्प पत्र जारी कर दिया है। राज्य सरकार के इस फैसले के बाद बिहार संभवतः पहला राज्य होगा जहां पुलिस विभाग में ट्रांसजेंडरों की बहाली होगी। नीतीश सरकार के इस फैसले के बाद बिहार में 18 की उम्र पार कर चुके करीब 40 हजार ट्रांसजेंडरों को लाभ मिलेगा.

सिपाही संवर्ग के लिए नियुक्ति का अधिकार पुलिस अधीक्षक (SP) को होगा। जबकि, अवर निरीक्षक (SI) के लिए नियुक्ति का अधिकार पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) स्तर के पदाधिकारी के पास होगा। सिपाही एवं पुलिस अवर निरीक्षक संवर्ग में प्रत्येक 500 विज्ञापित पदों पर एक पद किन्‍नर समुदाय के लिए आरक्षित रहेगा। इस पद के लिए अलग से विज्ञापन भी प्रकाशित किया जाएगा। अगर किन्‍नर के लिए आरक्षित पदों पर नियुक्ति के क्रम में चयनित अभ्यर्थियों की स्थिति कम पड़ जाती है, तो आरक्षित शेष रिक्तियों को उसी मूल विज्ञापन के सामान्य अभ्यर्थियों से भरने की कार्यवाही की जाएगी।

किन्नरों की सीधी नियुक्ति के लिए शैक्षणिक अहर्ता बिहार पुलिस हस्तक 1978 के सिपाही तथा पुलिस अवर निरीक्षक संवर्ग के अनुसार ही होगी। ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों के लिए शारीरिक मापदंड तथा शारीरिक दक्षता परीक्षा का मापदंड संबंधित संवर्ग के महिला अभ्यर्थियों के समान होगा। अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम उम्र विज्ञापन के अनुसार होगा और अधिकतम उम्र सीमा में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति कोटे के समरूप ही छूट प्राप्त होगा।

गृह विभाग ने स्पष्ट किया की किन्नरों के लिए विशेष बटालियन नहीं बनाया जा सकेगा। विशेष बटालियन के सांगठनिक संरचना के लिए कम से कम 1000 स्वीकृत बल की जरूरत होगी। इतनी संख्या में ट्रांसजेंडर समुदाय से योग्य अभ्यर्थियों का मिलना मुश्किल है, इसीलिए बिहार पुलिस में ही उनकी सीधी नियुक्ति का निर्णय लिया गया है।

दरअसल वीरा यादव ने सिपाही भर्ती परीक्षा में ट्रांसजेंडरों के लिए आवेदन में जगह नहीं दिए जाने को लेकर पटना हाई कोर्ट ने में एक याचिका दायर की थी. जिसपर हाई कोर्ट ने बिहार सरकार से जबाव माँगा था. कोर्ट ने पूछा था कि ट्रांसजेंडरों के लिए सरकार ने क्या व्यवस्था की है. बता दें इससे पहले बिहार सरकार ने पुलिस भर्ती में महिलाओं को 35 प्रतिशत का आरक्षण देने का बड़ा फैसला लिया था। अब ट्रांसजेंडरों की सीधी नियुक्ति भी सरकार के ऐतिहासिक फैसलों में शुमार हो गया है।