5500 करोड़ का कोयला घोटाला…। दो राज्यों (झारखंड और पश्चिम बंगाल) का सिंडिकेट…। इस घोटाले की जांच का दायरा बढ़ा तो अवैध कोयले की कालिख ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के परिवार को दागदार कर दिया। जैसे-जैसे कोयला घोटाले की जांच बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे दीदी का परिवार घिरता जा रहा है। बंगाल की राजनीति गर्म होती जा रही है।

दो राज्यों के इस सिंडिकेट को चलाने वाले अनूप मांझी उर्फ लाला को सीबीआई खोज रही है। अब तक की जांच में यही बात सामने आई है कि लाला को भ्रष्ट अफसरों व नेताओं के सिंडिकेट ने अवैध कोयला तस्करी का लाल बनाया। इसके माध्यम से पैसे बनाए। इस कोयला घोटाले ने अवैध कोयले को देश के कई हिस्सों में खपाया। पूरा मामला तब सामने आया, जब लाला सिंडिकेट के 7 ट्रक धनबाद में पकड़े गए। 7 ट्रक अवैध कोयले की जांच ने 20 हजार करोड़ रुपए के घोटाले का राज खोल दिया।

{पासिंग कोड था 20 का नोट: फर्जी इनवॉइस बिल में 20 का नोट चिपका होता था। यह नोट ही ट्रकों का पासिंग कोड था। सीबीआई के हाथ लगे जाली पैड में 20 का नोट भी चिपका मिला। नोट के सीरियल नंबर का उल्लेख संबंधित कोयला सप्लाई कंपनी के जीएसटी नंबर की जगह अंकित मिला। यह नोट ही गारंटी था कि संबंधित ट्रक लाला सिंडिकेट का है और उसे पुलिस सुरक्षित पासिंग देगी।

3 तरीके बंद खान में खनन… देशभर में ऐसे पहुंचता था चोरी का कोयला
1. माइंस बंद करा देते थे
सीबीआई को जांच के दौरान सुराग मिले हैं कि कोयले के अवैध खनन कराने में कुछ ईसीएल अफसर किसी चालू कोयला खदान को बंद करा देते थे। ताकि बंद खदानों से कोयला निकालने की जिम्मेदारी मुख्य आरोपी लाला संभाल सके।

2. जाली पैड पर एंट्री
लाला एंड सिंडिकेट बंगाल से औसतन 100 ट्रक झारखंड या बिहार व यूपी समेत देशभर में भेजता था। इन ट्रकों में कोयले की खरीद-बिक्री के लिए वैध दस्तावेजों और रजिस्टर्ड कोल कंपनी के चालान के बजाय फर्जी पैड इस्तेमाल हो रहा था।

3. जीएसटी हड़प लेते थे
जीएसटी मद की राशि हड़पी रही थी। जैसे- एक ट्रक में करीब 26 टन कोयला है, जिसका बाजार मूल्य 1.92 लाख रु. है। झारखंड के ट्रक की एंट्री पर जीएसटी मद में 5% राशि चुकानी पड़ती है। फर्जी पैड के इस्तेमाल से राज्य सरकार को चूना लगाते थे।घोटाले के बड़े िकरदार: लाला: सीबीआई का मानना है लाला की राजनीतिक घुसपैठ है। वह बंगाल की बड़ी राजनीतिक पार्टी को फंड देता है। {विनय मिश्रा: इसके बाद टीएमसी यूथ कांग्रेस के जनरल सेक्रेट्री विनय घेरे में आए। दिसंबर 2020 में विनय घर छापेमारी हुई। {रुजिरा: विनय के घर छापे के बाद अभिषेक की पत्नी रुजिरा पर शक हुआ।