लोकनायक जयप्रकाश नारायण हड्डी रोग अस्पताल आसपास के राज्यों में हड्डी का सबसे बड़ा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल होगा। बिहार, बंगाल, ओडिशा, झारखंड जैसे पड़ोसी राज्यों में इतना बड़ा हड्डी का अस्पताल नहीं है। बजट में इसके लिए 245 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी मिली है। इसके पहले भी 25 करोड़ रुपये जून 2049 में आवंटित हुए थे। 400 बेड के अस्पताल में छह ओटी और दो इमरजेंसी ऑपरेशन थियेटर होगा। निदेशक डॉ. सुभाष चंद्रा समेत चिकित्सकों ने इस घोषणा पर प्रसन्‍नता जतायी है।

हृदय रोगियों को भी सुविधा : बजट में इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी में मरीजों से संबंधित सुविधाओं, आधुनिक उपकरणों और जांच सुविधा के लिए 74.56 करोड़ को मंजूरी दी गई। इसकी क्षमता 145 से बढ़कर 250 बेड की हो गई है, लेकिन अभी तक उपरकण व अन्य संसाधन नहीं होने से इसकी शुरुआत तरह से नहीं हो सकी है। बजट में राशि के अलावा 383 पद भी सृजित किए गए हैं। संस्थान के चिकित्सकों ने इस बजट का स्वागत किया है और कहा कि मरीजों की इलाज व्यवस्था और बेहतर होगी।

आईजीअाईसी में दो कैथ लैब की होगी व्यवस्था
इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में अभी 145 बेड है। इसे 250 बेड के रूप में विकसित करना है। संस्थान के निदेशक डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि नए भवन में अब दो कैथलैब होगा, जिसमें एंजियोग्राफी के साथ ही मरीज की एंजियोप्लास्टी की जा सकती है। इसके अलावा सीटी-कोरोनरी एंजियोग्राफी से बिना मरीज को भर्ती किए ही उनकी एंजियोग्राफी हो सकती है। डॉ. सुनील का कहना है कि अब अधिक संख्या में हृदय मरीजों की एंजियोप्लास्टी होगी। इसके अलावा दो मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होगा, जिसमें कार्डियक सर्जन वाल्व रिप्लेसमेंट और बाइपास सर्जरी करेंगे। सेंट्रली एसी इमरजेंसी होगी।

5462 बेड की होगी सुविधा, तीन चरणों में होगा निर्माण
पीएमसीएच तीन चरणों में पांच साल में बनकर तैयार हो जाएगा। बेड की संख्या बढ़कर 5462 हो जाएगी। 3334 वाहनों की पार्किंग की भी व्यवस्था रहेगी। इमरजेंसी के लिए छत पर हेलीपैड बनेंगे। 100 बेड की इमरजेंसी इकाई एवं 12 बेड के आईसीयू भवन की भी व्यवस्था हाेगी। साथ ही किडनी प्रत्यारोपण इकाई को विकसित किया जा रहा है। 12 प्रकार की आईसीयू चौबीसों घंटे काम करेंगी। इसके अलावा 200 इमरजेंसी बेड के बदले अब एक साथ 1204 इमरजेंसी मरीजों को भर्ती किया जा सकेगा। वार्डों में भर्ती होने वाले मरीजों के बेड तीन गुना से अधिक किए जा रहे हैं। मेट्रो स्टेशन भी अंडरग्राउंड बनाने का प्लान हो रहा है। एमबीबीएस की 250 सीटें होंगी।