कॉलेजों एवं विश्वविद्यालय के पीजी विभागों में चलने वाले वोकेशनल कोर्स में थर्ड एवं फोर्थ ग्रेड स्टाफ भी अब इंटरव्यू लेकर रखे जाएंगे। इसके लिए प्राचार्य एवं निदेशक के नेतृत्व में कमेटी गठित होगी। मंगलवार को कुलपति डॉ. अमरेंद्र नारायण यादव की अध्यक्षता में हुई वोकेशनल कोर्स कार्यान्वयन एवं मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

पूर्व में विभिन्न कोर्सों में कई को सीधे बहाल कर दिया गया था। इस पर रोक लगा दी गई है। अब कॉलेजों में स्टाफ रखने के लिए प्राचार्य, बर्सर और विवि प्रतिनिधि एवं पीजी में संचालित कोर्स में बहाली के लिए कोर्स निदेशक, एफओ व विवि प्रतिनिधि की कमेटी होगी। बैठक में एफओ एवं रजिस्ट्रार मौजूद नहीं होने के कारण वित्तीय एजेंडे पर चर्चा नहीं हुई। शिक्षण मानदेय बढ़ाने को लेकर प्रस्ताव था। इस पर यह निर्णय लिया गया कि फिलहाल प्राचार्य एवं निदेशक वित्तीय स्थिति से विवि प्रशासन को अवगत कराएंगे। अगली मीटिंग में इस पर चर्चा होगी। पारिश्रमिक का भुगतान सीसीडीसी की अनुमति के बाद ही करने को सख्ती से लागू करने पर सहमति बनी। बैठक में प्रोवीसी, सीसीडीसी डॉ. विजय कुमार, प्रॉक्टर डॉ. विवेकानंद शुक्ला, प्राचार्य डॉ. ममतारानी, डॉ. अशोक कुमार श्रीवास्तव, डॉ. संजय आदि मौजूद थे।

वोकेशनल का सिलेबस भी अपडेट होगा
बैठक में निर्णय लिया गया कि वोकेशनल कोर्स का सिलेबस काफी पुराना हो चुका है। इसे अपडेट करने का निर्णय लिया गया। इसमें अपडेट करने से लेकर सेमेस्टर सिस्टम भी लागू करने पर विचार किया जाएगा। बैठक में आरएस, एमपीएस साइंस कॉलेज, डीसी कॉलेज, जेबीएसडी बकुची कॉलेज ने नए कोर्स के लिए प्रस्ताव दिया था। इस पर कमेटी बनाकर मानकों की जांच का फैसला हुआ।

Input : Dainik Bhaskar

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