गया के बांकेबाजार प्रखंड बलथरवा के रहने वाले संदीप नाम के एक युवक की अंतिम इच्छा प्रधानमंत्री से मुलाकात करने की है, लेकिन अभी तक उसे तक यह मौका नहीं मिल पाया है। संदीप गंभीर बीमारी से ग्रसित है।वह चल-फिर भी नहीं सकता है। सबसे बड़ी बात की उसका इलाज दिल्ली के AIIMS(एम्स) में भी नहीं हो सका।

एम्स के डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन करने से किया इंकार

युवक का कहना है कि एम्स के डॉक्टरों ने उसकी बीमारी का ऑपरेशन करने से साफ इनकार कर दिया है। हालांकि, संदीप बचपन से लेकर जवानी की दहलीज पर कदम रखने तक वह स्वस्थ था, लेकिन बीते लगभग दो वर्षों से वह बुरी तरह से लाचार हो गया और अब वह खुद से अपना दैनिक कार्य करने में भी सक्षम नहीं है। सब कुछ दूसरे के भरोसे ही चल रहा है।

हालांकि, उसकी मदद के लिए इलाके के विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी आगे आए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मसले पर अपने स्तर से भेंट करने की इच्छा जताई है, लेकिन उन्हें भी अब तक टाइम नहीं मिल सका है।

दो वर्ष पूर्व शुरू हुई शिकायत

‘लोकोमोटोर डिसएबलिटी’ नामक बीमारी से ग्रसित 27 वर्ष के संदीप कुमार का कहना है कि दो वर्ष पूर्व उसे पैरों के मूवमेंट में शिकायत शुरू हुई। इधर-उधर दिखाया, पर कोई राहत नहीं मिली। बीमारी तेजी से बढ़ती चली गई। बड़ी हिम्मत जुटाकर दिल्ली के AIIMS पहुंच गया। वहां सारे तरह के टेस्ट और इलाज से हमें गुजारा गया, पर कोई लाभ नहीं हुआ। फिर ऑपरेशन की बात कह कर उसे भेज दिया गया। ऑपरेशन की तिथि तय कर उसे बुलाया गया लेकिन वहां पहुंचने पर ऑपरेशन करने से मना कर दिया गया।

दुनिया अब अंधेरी नजर आने लगी हैं

संदीप ने कहा की उनके मना करते ही सारी दुनिया अब अंधेरी नजर आ रही है। ऐसे में अब हमारी अंतिम इच्छा सिर्फ व सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी से मिलने की है। हमने प्रयास भी किया। प्रधानमंत्री को ट्वीट किया तो पीएम कार्यालय से जवाब आया कि पीएम से मिलने के पूर्व आपसे संबंधित समस्याओं की विधिवत जांच जिला स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन करेगी। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी सारी जरूरी कार्रवाई पूरी कर दी गई है, लेकिन अब तक उन्हें किसी भी स्तर से कोई भी बुलावा pmo की तरफ से नहीं आया है।

ननिहाल मे हीं गुजारा बचपन

संदीप के अनुसार, उसकी मां का निधन उसके बचपन में ही हो गया। इसके बाद उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली और संदीप का पालन पोषण ननिहाल में हुआ है और अब तक उसकी जिम्मेदारी उसके ममेरे भाई और उनका परिवार के लोग हीं ही उठा रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से भी मिल चुका हैं संदीप

इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का कहना है कि संदीप कुमार छह माह पूर्व हमसे मिले थे और उन्होंने अपनी समस्या बताते हुए प्रधानमंत्री से मिलाने की बात कही थी। हम भी चाह रहे हैं ऐसा हो और संदीप का उचित इलाज हो और वह पहले की तरह अपने पैरों पर खड़ा हो सके।

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