मुज़फ़्फ़रपुर नगर नियम के उपमेयर मनमार्दन शुक्ला ने अपने फेसबुक वॉल पे एक फोटो शेयर किया है ।

जिसमे यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है की क्रम संख्या 7 से लेकर 33 तक यानि 26 कर्मचारी जो की कुली के पद पर कार्यरत है और उसमे 1.4.2018 से 31.3.2019 तक इनकी सेवा निवृत की तिथि वर्णित है।
उन सारे कर्मचारियों की जन्म तिथि एक ही है।

क्या आपको लगता ही की यह संभव है।
यह फोटो और उसमे उल्लेखित जन्म तिथि ही बहुत कुछ गरबर होने की बात कह रही है।

ऐसे तो नगर निगम में बहुत दिनों से ही सबकुछ ठीकठाक नही चल रहा है।
उपमेयर ने आते ही नगर निगम के बहुत से जालसाज कामो का प्रदाफास करना शुरू कर दिया था।
मगर इस फोटो के वायरल होने के बाद यह और गंभीर मुद्दा बन गया है और जाँच का विषय भी।

अभी हाल ही में नगर निगम के मेयर ने भी नगर निगम के काम से असंतुष्टता जताई थी।
तो सवाल यह उठता है कि नगर निगम के कर्ता धर्ता ही इससे नाराज है तो फिर इन सब कामो के पीछे कौन है।

आखिर कब तक इन्ही घोटालो और राजनीती के बीच मुज़फ़्फ़रपुर की जनता पीसती रहेगी।

आखिर लोगों ने जो उम्मीद लगा रखी है ओ कब पूरा होगा।जबकि इस नगर के विधायक खुद सत्ता पक्ष के नगर मंत्री है।
और इस जिले के सांसद भारत के सत्ता पक्ष के सांसद है तो फिर भी मुज़फ़्फ़रपुर में विकास का काम क्यों रुका है।
और नगर निगम के एक एक काम से घोटाले की बू क्यों आ रही है।

अभी कुछ ही समय पहले मुज़फ़्फ़रपुर नाउ ने मुज़फ़्फ़रपुर के सड़को का हाल आपको दिखया था,इस तरह आपने देखा होगा की मुज़फ़्फ़रपुर शहर किस तरह नरकीय स्थिति से गुजर रहा है।

अंत में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इन सब गंभीर मुद्दे पर हर कोई चुप क्यों है।
अब आप ही को जागना होगा और सवाल पूछना होगा अपने नेताओं से तब तक कही देर न हो जाए।

टीम:संत राज़ बिहारी

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