डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, गठिया, कैंसर, मोटापे का काल हैं इस फल के पत्ते, गर्म पानी में उबालकर पियें, 2 दिन में दिखेगा असर

डायबिटीज एक गंभीर समस्या है जिसमें आपके शरीर में इंसुलिन का उत्पादन कम हो जाता है। इससे आपको कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इस रोग का कोई उपचार नहीं है। केवल इसे कंट्रोल किया जा सकता है। यही वजह है कि डॉक्टर डायबिटीज के रोगियों को बेहतर डाइट की सलाह देते हैं। अगर आपके घर में कोई डायबिटीज या कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्या से पीड़ित है, तो आप घरेलू उपचार के जरिए भी उसकी देखभाल कर सकते हैं। इसके लिए आप अमरुद के पत्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

अमरूद ही नहीं बल्कि अमरूद के पेड़ के पत्ते भी बड़े काम की चीज हैं। अमरूद के पत्ते आपको कई बीमारियों से बचाते हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी जैसे कई गुण हैं। अमरूद में मौजूद विटामिन और मिनरल्स आपको कई रोगों से बचाते हैं। अगर आप बार-बार बीमार पड़ते हैं, तो आपको अमरूद के पत्तों का इस्तेमाल करना चाहिए यह आपके इम्‍यून सिस्‍टम को भी मजबूत बनाते हैं।

अमरुद के हरे पत्तों से आपको गठिया, कोलेस्ट्रॉल, पेट दर्द, उल्टी आदि से बचने में मदद मिलती है। अगर आप डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित हैं, तो आपको अमरूद के पत्तों को किसी भी कीमत पर अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।

डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए अमरुद के पत्तों का रस क्यों?

जर्नल न्यूट्रिशन एंड मेटाबोलिज्म में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि अमरूद के पत्तों के रस में पोस्टप्रैन्डियल या पोस्ट-डाइन ब्लड ग्लूकोज लेवल को कम करने की क्षमता होती है। अध्ययन से पता चलता है कि अमरूद के पत्ते निकालने से अल्फा-ग्लूकोसिडेज़ की क्रिया को रोका जा सकता है, जो एक एंजाइम है जो स्टार्च और अन्य कार्बोहाइड्रेट को ग्लूकोज में तोड़ देता है।

अध्ययन में वेगालिबोज़ के लिए अमरूद के पत्ते के रस की तुलना भी की गई, अल्फा-ग्लूकोसिडेस अवरोधक जिसका प्रयोग आमतौर पर डायबिटीज के इलाज के लिए किया जाता है। हालांकि, यह पाया गया कि अमरूद के पत्ते का रस वेगालिबोज़ की तुलना में हल्का प्रभाव पड़ा।

अध्ययन में यह भी कहा गया है कि भोजन के साथ अमरूद के पत्तों का रस पीने से डायबिटीज के अन्य लक्षण जैसे हाइपरग्लेसेमिया, हाइपरिन्युलिनिया, इंसुलिन प्रतिरोध और हाइपरलिपिडेमिया में सुधार होता है। ब्लड ग्लूकोज लेवल कंट्रोल करने के अलावा, अमरूद के पत्ते का रस से ब्लड में कोलेस्ट्रॉल का लेवल भी कम हो जाता है।

यह हाइपरकोलेस्टेरोलिया वाले लोगों की मदद करने में प्रभावी माना जाता है। अमरूद के पत्तों में एंटी-हाइपरलिपिडेमिक भी होता है और सीरम फॉस्फोलाइपिड्स, सीरम ट्राइग्लिसराइड और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करता है। अध्ययन के अनुसार, अमरूद के पत्तों के रस का कोई साइड इफेक्ट्स नहीं है।

ऐसे बनाएं अमरूद के पत्तों का रस

बहते पानी में अमरूद के पत्तों को अच्छी तरह धो लें।
दो कप पानी उबाल लें और पत्तों को उसमें डाल दें।
उबलने के बाद पानी को ठंडा कर लें।

इस बात का रखें ध्यान

ध्यान रहे कि यह एक प्राकृतिक उपाय है और हर किसी के लिए प्रभावी नहीं हो सकता है। इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना सबसे अच्छा है।

Input: Lokmat News

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