IVF की सफलता इस बात पर भी निर्भर करती है कि couple में Infertility किस प्रकार की है और महिला की उम्र क्या है।

हर घर को नन्हीं किलकारी का सुख नसीब हो ये जरूरी नहीं, कुछ परिवार ऐसे भी हैं जो संतान सुख से वंचित रह जाते हैं। मेडिकल कारणों के साथ, ज़्यादा उम्र में शादी करना, खान- पान का सही न होना, धूम्रपान और शराब आदि का सेवन करने से Infertility की समस्या उत्पन्न हो सकती है और इससे जूझ रहे लोगों को कंसीव करने में अधिकतर निराशा ही मिलती है।
लेकिन अब चिंता की बात नहीं क्योंकि साइंस और बेहतरीन डॉक्टरी प्रशिक्षण से आजकल हर चीज़ का इलाज़ संभव है। IVF एक ऐसी तकनीक है जिसने कई घरों में संतान की कमी को पूरा किया है

तो आइए जानते हैं IVF तकनीक की कुछ विशेष बातें:

क्या है IVF तकनीक: इन्दिरा आईवीएफ जमशेदपुर की आईवीएफ स्पेशलिस्ट डॉ. वन्दना पाण्डे बताती हैं कि IVF तकनीक शुरू करने से पहले डॉक्टर और प्रशिक्षकों के द्वारा पति-पत्नी की पूरी जांच की जाती है और इसके बाद ज़रूरत के अनुसार ही इस process को आगे बढ़ाया जाता है। जांच की रिपोर्ट के अनुसार ही ज़रूरी दवाएं दी जाती हैं जिसके बाद महिला व पुरुष दोनों के सबसे healthy और mature eggs व sperms को ही lab के नियंत्रित पर्यावरण में fertilize किया जाता है ।

Fertilization के बाद सबसे अच्छी गुणवत्ता के embryos यानि भ्रूण को ही महिला के गर्भ में प्रत्यारोपित किया जाता है ताकि वह भ्रूण सामान्य रूप से महिला के गर्भ में बढ़ सके। इसके साथ ही महिला को medication के जरिये pregnancy के लिए तैयार भी किया जाता है।

पहली बार में सफलता मिले, ये जरूरी नहीं:
इन्दिरा आईवीएफ हैदराबाद सेंटर की आईवीएफ स्पेशलिस्ट डॉ. मधु पाटिल कहती है कि कई बार ये देखा गया है कि कम जानकारी के अभाव में लोग अक्सर एक बार की असफलता के बाद इलाज बंद कर देते हैं जो एक गलत फैसला भी साबित हो सकता है। हालांकि IVF की मदद से pregnancy के chances और किसी भी इलाज से ज़्यादा होते हैं लेकिन पहली बार में ही pregnancy में कामयाबी मिले ऐसा ज़रूरी नहीं है।

IVF की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि couple में Infertility किस प्रकार की है और महिला की उम्र क्या है? तो चलिए अब जानते हैं कि महिला की उम्र किस तरह IVF तकनीक की सफलता से जुड़ी हुई है और किस उम्र में इलाज़ करवाना हो सकता है फायदेमंद।

महिला की उम्र के अनुसार, IVF का success rate:
34 साल या कम उम्र में 40%
35-37 की उम्र में 31%
38-40 की उम्र में 21%
41-42 की उम्र में 11%
43 या अधिक उम्र में 5%

आसान और किफ़ायती इलाज़ है IVF:
ज्यादातर दम्पतियों को यह लगता है कि IVF इलाज काफी महंगा होता है जिस वजह से कई बार पैसों की मजबूरी के कारण कई लोग संतान सुख से ज़िंदगी भर वंचित रह जाते हैं। दुसरे देशों के मुक़ाबले अब भारत में IVF कराना बहुत किफ़ायती हो गया है। भारत में Indira IVF के 54 सेंटर्स हैं जहां किफ़ायती कीमत में IVF उपचार किया जाता है और अगर बात करें success rate की तो इन्दिरा IVF का success rate 70 प्रतिशत से भी अधिक है जो अन्य सेंटर्स के मुक़ाबले काफी बेहतर है।

सही निर्णय लेना है जरूरी:
इन्दिरा आईवीएफ मुम्बई की डॉ. कनिका कल्याणी बताती हैं कि ये जरूरी नहीं की पहली ही कोशिश में महिला गर्भ को धारण कर ले, कई बार IVF तकनीक की पहली कोशिश असफल भी हो सकती है। सही समय पर दवाएं न लेना या सही देखभाल न मिलना भी IVF cycle की असफलता की वजह बन सकते हैं। दम्पती को हमेशा यह सलाह दी जाती है कि वे धैर्य से काम लें और जल्दबाज़ी न करें। अगर कोशिश नाकामयाब हो जाए तो पहले अपने डॉक्टर से कारणों की चर्चा करें और इसके बाद अन्य संभावनाओं के बारे में भी बात करें।

कई बार IVF के जरिये सफल Pregnancy की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए डॉक्टर कई अन्य assisted तकनीक का सुझाव देते हैं जैसे; LAH यानि Laser Assisted Hatching या Blastocyst Culture का सहारा लेकर भी गर्भ धारण किया जा सकता है।
तो निराशा नहीं उम्मीद की ओर कदम बढ़ाएँ और आगे बढ़कर बात करें।

निःसंतानता से जुड़ा आपका कोई भी सवाल है तो इन्दिरा आईवीएफ कि वेबसाइट विजिट करे, अपनी समस्या लिखें या एक्सपर्ट डॉ. से बात करने के लिए कॉल करें – 07230062727

Input: Dainik Bhaskar

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