देश में सबसे कम उम्र में फांसी पर चढ़ने वाले अमर बलिदानी खुदीराम बोस के चंदवारा सोदागोदम चौक (मुजफ्फरपुर) स्थित चिताभूमि पर भूमाफिया के कब्जा पर हाइकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन एवं न्यायधीश राजीव रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने शहीद खुदीराम बोस चिताभूमि बचाओ अभियान समिति की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से चार हफ्ते में जवाब तलब किया है।

Khudi Ram Bose, Muzaffarpur

सुनवाई के दौरान शहीद खुदीराम बोस चिताभूमि बचाओ अभियान समिति की ओर डा० अंजनी प्रसाद सिंह और उनकी सहायिका श्वेता ने कोर्ट को बताया कि चिताभूमि स्थल पर अतिक्रमण के बारे में मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन को बार-बार शिकायत करने पर भी अब तक कोई ठोस कार्यवाई नहीं कि गई। खुदीराम बोस को मिली फांसी की सजा का फैसला पटना हाइकोर्ट के म्यूजियम में भी सुरक्षित है। मगर राज्य सरकार को ऐसे वीर बलिदानी के चिताभूमि की कोई सुध नहीं। हाइकोर्ट ने इन आरोपों को जनहित का मामला मानते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया। इधर याचिकाकर्ता एवं समिति के संयोजक शशिरंजन उर्फ पिंकु शुक्ला, सह संयोजक साकेत सिंह, रंजीत कुमार, विकाश मिश्रा, चंदन कुमार, राकेश साह ने हाइकोर्ट के प्रति आभार व्यक्त किया।

Shyam Opticals, Muzaffarpur

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