ऑक्सफोर्ड वैक्सीन के फेज-3 ट्रायल में हिस्सा लेंगे 1500 से ज्यादा भारतीय

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ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैक्सीन प्रोजेक्ट के तीसरे फेज के ट्रायल भारत में भी किए जाएंगे. देश के अलग-अलग हिस्सों के अस्पतालों में 1500 से ज्यादा भारतीय नागरिकों पर इस वैक्सीन का ट्रायल किया जाएगा. इस ट्रायल की शुरुआत अगस्त महीने के पहले सप्ताह से हो सकती है. इस वैक्सीन प्रोजेक्ट का नाम AZD1222 है. गौरतलब है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका द्वारा डेवलप की जा रही इस वैक्सीन के साल के अंत तक आने की उम्मीद है. इस प्रोजेक्ट में भारत की फार्मा कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया भी पार्टनर है.

पहले फेज के नतीजे आए सकारात्मक
ब्राजील में इस वैक्सीन के पहले चरण के ह्यूमन ट्रायल के सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं. सितंबर तक इस वैक्सीन का थोक प्रोडक्शन भी शुरू कर दिया जाएगा. द ट्रिब्यून अखबार में प्रकाशित एक रिपोर्ट में सीरम इंस्टिट्यूट के सीईओ ने कुछ दिनों पहले कहा था कि ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन इस साल के अंत तक आ सकती है. 39 वर्षीय अदर पूनावाला ने कहा था कि ऑक्सफोर्ड के प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के लिए ट्रायल किए जा रहे हैं और नतीजे के आधार पर हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस साल के आखिर तक वैक्सीन आ जाएगी.

उम्मीद जगा रही है वैक्सीन

‘द लैंसेट मेडिकल’ जर्नल में छपी एक खबर के मुताबिक, ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी ने वैक्सीन को 1,077 लोगों पर ट्राई किया. इन लोगों पर हुए प्रयोग में यह बात सामने आयी है कि वैक्सीन के इंजेक्शन से इन लोगों के शरीर में एंटीबॉडी का निर्माण हुआ है. ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की यह सफलता काफी उम्मीद जगाती है. जर्नल में छपी एक खबर में कहा गया है कि वैज्ञानिकों ने पाया कि प्रायोगिक कोविड-19 वैक्सीन ने 18 से 55 साल की उम्र के लोगों में डबल इम्यून सिस्टम तैयार किया है. अब तक तैयार हुई ज्‍यादातर वैक्सीन एंटीबॉडी बनाती हैं. वहीं, ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन एंटीबॉडी के साथ व्‍हाइट ब्लड सेल (Killer T-cell) भी बना रही है.

सीरम इस्टिट्यूट बनाएगा 100 करोड़ डोज
सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया और AstraZeneca के बीच में जून महीने में करार हुआ था कि वैक्सीन के 100 करोड़ डोज भारत और गरीब-मध्य आय वाले देशों के लिए तैयार किए जाएंगे. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने अप्रैल महीने में ही स्पष्ट कर दिया था कि उनकी वैक्सीन दुनिया में नॉन-प्रॉफिट के आधार पर मुहैया कराई जाएगी. अदर पूनावाला ने वैक्सीन की कीमत के बारे में कहा था कि एक बार प्रोजेक्ट के पूरा हो जाने के बाद ही इसके बारे में कुछ स्पष्ट रूप से बताया जा सकता है. हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई थी कि वैक्सीन की कीमत अफोर्डेबल होगी.


sources:-News18