बिहार के जर्दालु आम, कतरनी धान व मगही पान को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल गई है। इन तीनों विशिष्ट उत्पादों को भारतीय बौद्धिक सम्पदा के रूप में पंजिकृत किया गया है। गुरुवार को जियोग्राफिकल इंडीकेशन (जीई) रजिस्ट्री द्वारा तीनों उत्पादों को प्रमाण-पत्र दिया गया।

कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा है कि यह राज्य के लिए गौरव की बात है। कहा कि चार महीना पहले इसका आवेदन केन्द्र के पास भेजा गया था। इस अवधि में प्रस्ताव के खिलाफ कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई तो राज्य के तीनों उत्पादों को सर्टिफिकेट मिल गया। आने वाले समय में शाही लीची और मखाना जैसे उत्पादों को भी भौगोलिक दर्शन में शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा।

Input : Live Hindustan

 

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