राजद प्रमुख लालू प्रसाद के परिवार पर जांच का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. एक के बाद एक उनके कोई न कोई परिवार के सदस्य जांच की जद में आते जा रहे हैं. इसी क्रम में आयकर विभाग ने गुरुवार को पटना एयरपोर्ट के पास मौजूद केंद्रीय विद्यालय के सामने मौजूद एक बड़े से भवन को जब्त कर लिया है. इस भवन पर आयकर की तरफ से बेनामी संपत्ति एक्ट मामले में कार्रवाई  करते हुए पर्चा चिपका दिया है.

इस पर आयकर विभाग ने जमीन से संबंधित पूरा ब्योरा दर्ज किया है. विभाग से प्राप्त सूचना के अनुसार, यह जमीन फेयरग्रो प्राइवेट लिमिटेड नामक फर्जी कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड है. जांच में यह पता चला है कि इस कंपनी में लालू प्रसाद के बड़े बेटे और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव निदेशक के पद पर हैं. इस कंपनी में चार से पांच निदेशक हैं, जिसमें इनके अलावा उनके अन्य करीबी और परिचित शामिल हैं.

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फिलहाल इस संपत्ति को शुरुआती तौर पर जब्त किया गया है. आयकर के कोर्ट में मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद इसे अंतिम रूप से जब्त कर लिया जायेगा. यह मकान रैयती जमीन पर बना हुआ है, जिसका रकवा 7105 वर्ग फिट है. यह करीब सवा पांच कट्ठा से थोड़ी ज्यादा जमीन है. इसमें तीन-चार प्लॉट को मिलाकर एक साथ सम्मलित किया गया है. यह पांच राइडिंग रोड, शेखपुरा में पड़ता है.

इसका थाना क्षेत्र शास्त्री नगर पड़ता है और वार्ड संख्या-33 के सर्किल नंबर 247 का होल्डिंग नंबर 666/129 ए है. पटना जिले के पॉश इलाके में मौजूद इस जमीन का बुक मूल्य तीन करोड़ 67 लाख है. बाजार मूल्य इससे कहीं ज्यादा है. अब इस जमीन को जब्त करने के बाद इनके खिलाफ बेनामी संपत्ति एक्ट में मुकदमा चलेगा.

Input : Prabhat Khabar

Shyam Opticals, Muzaffarpur

 

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