जैसा कि हम सभी जानते हैं जनता प्रशासन के पास अपने परेशानियों के समाधान के लिए जाती है. लेकिन अगर पुलिस द्वारा जनता को उसके परेशानी का समाधान नहीं मिले तो जनता कहा जाएगी. मामला मुज़फ़्फ़रपुर ज़िला के मिठनपुरा थाना क्षेत्र का है.

क्या है मामला

19 सितंबर 2016 को राहुल और मोनिका ने रजिस्ट्रार ऑफिस में प्रेम विवाह किया. राहुल के पिता का नाम मदन कुमार सिंह है. वहीँ मोनिका के पिता का नाम भैरव ठाकुर है. दोनों का जीवन काफी खुशहाल चल रहा था. लेकिन मोनिका के घर वाले उसे शादी तोड़ने के लिए दबाव देते रहते हैं. चूंकि मोनिका राहुल के साथ काफी खुश थी. तो अपने घरवालों के बातों को नज़रअंदाज़ कर देती थी. गत गुरुवार मोनिका अपने पति राहुल के साथ उसके घर ( अवतार भवन, हरिसभा चौक ) से अपने माता पिता से मिलने मायके ( पांडेय लेन, मिठनपुरा ) गई. मोनिका के घर पर उसके संबंधी भी आए हुए थे. जब मोनिका अपने घर पहुंची तो मोनिका के घरवाले उसको अंदर बुला लिया.

वहीँ राहुल को घर के बाहर ही खड़ा कर दिया. राहुल कुछ समय तक इंतज़ार करता रहा. कुछ समय बाद राहुल को घर के अंदर से मोनिका के चीखने चिल्लाने की आवाज़ सुनाई दी. राहुल घर के अंदर जाने का प्रयास किया. लेकिन घर का दरवाजा अंदर से बंद था. तभी मोनिका बचाओ बचाओ चिल्लाती हुई घर से बाहर आ गई. राहुल ने अपने पत्नी का बीच बचाओ किया. इस पर मोनिका के घर वाले आग बबूला हो गए और चंदन ओझा (लड़की का मौसेरा भाई) ने राहुल के साथ धक्का मुक्की भी किया.

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वहीँ दोनों को जान से मारने की धमकी भी दी गई. आपको बता दें कि राहुल के पत्नी मोनिका को जबरन बंधक बना लिया. राहुल ने बताया कि चंदन मिठनपुरा थाना क्षेत्र के राजपूत टोला में रहता है. वहीँ लड़की को भी लप्पड़ थप्पड़ मारा. राहुल आनन फानन में जिला के मिठनपुरा थाना गया. वहां मौजूद पुलिस वालों को लिखित शिकायत दिया और अपनी पत्नी को बचाने का गुहार लगाया. अपितु उसे पुलिस द्वारा कोई मदद नहीं मिला.

वहीँ राहुल को आज सुबह 8 बजे थाना आने के लिए बोला गया. राहुल समय से थाना पहुंच गया. राहुल ने बताया कि सुबह थाना में मौजूद थानाध्यक्ष से अपनी पत्नी के बारे में पूछा तो थानाध्यक्ष ने राहुल को डांट लगा दिया. वहीँ उसे थाना से बाहर निकलने के लिए बोला गया और रात्रि गस्ती में रहे दरोगा को इस मामले में कोई कार्यवाई नहीं करने के लिए बोला गया. चूंकि अपने पत्नी को लेकर राहुल काफी परेशान था. उसने थानाध्यक्ष विजय राय से गुहार लगाई. तब जाकर थानाध्यक्ष ने आवेदन को स्वीकार किया. अपितु अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है.

राहुल ने बताया कि वह मानसिक रूप से काफी परेशान है. अगर पुलिस उसकी मदद नहीं करेगी और पुलिस राहुल को इंसाफ नहीं दिलवाती है तो आत्मदाह भी कर सकता है.

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