डाटा चोरी मामले में कैंब्रिज एनालिटिका को नोटिस देने के बाद सरकार ने फेसबुक से भी जानकारी मांगी है। सरकार ने फेसबुक को एक पत्र लिखकर पूछा है कि क्या कैंब्रिज एनालिटिका ने भारतीय वोटरों की जानकारी का दुरुपयोग किया है? अगर ऐसा हुआ तो कैसे हुआ? फेसबुक को जवाब देने के लिए 7 अप्रैल तक का समय सरकार ने दिया है।

फेसबुक से भारतीय वोटरों के डाटा की चोरी को लेकर सरकार इसके सीईओ मार्क जुकरबर्ग को पहले ही सख्त चेतावनी दे चुकी है। इसके बाद कैंब्रिज एनालिटिका को नोटिस जारी करके भी फेसबुक के भारतीय यूजर्स की जानकारियों के इस्तेमाल के संबंध में जवाब मांगा है। अब इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने फेसबुक को पत्र लिखकर कई मुद्दों पर जवाब मांगा है। मंत्रालय की तरफ से भेजे गए पत्र में फेसबुक से पूछा गया है कि क्या कैंब्रिज एनालिटिका या किसी अन्य संस्था ने भारतीय वोटरों और फेसबुक यूजर्स की जानकारी का किसी प्रकार से दुरुपयोग किया? यदि हां तो यह कैसे संभव हुआ? यही नहीं सरकार ने फेसबुक से यह जानकारी भी मांगी है कि उसने या उसकी किसी अन्य एजेंसी जो फेसबुक का डाटा इस्तेमाल करती हो, को पहले किसी संस्था ने भारतीय चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के उद्देश्य से काम सौंपा गया था?

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने फेसबुक से पूछा है कि यदि किसी एजेंसी ने फेसबुक के डाटा का दुरुपयोग किया हो तो डाटा की सुरक्षा के उसके क्या प्रबंध हैं? उसके प्रस्तावित उपाय क्या हैं? साथ ही फेसबुक ने भारतीय चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप या उसमें गड़बड़ी के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए क्या उपाय किये हैं? सरकार ने अपने पत्र में लिखा है कि भारत में फेसबुक के सबसे अधिक यूजर्स हैं। इसलिए उसने इन यूजर्स की जानकारियों या उनके डाटा के किसी तीसरे पक्ष द्वारा दुरुपयोग रोकने के लिए सुरक्षा और निजता बनाये रखने के क्या उपाय उठाए हैं?

23 मार्च को फेसबुक डाटा लीक मामले में सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए ब्रिटेन की कैंब्रिज एनालिटिका को नोटिस जारी किया था। सरकार ने कंपनी से जानना चाहा है कि क्या उसने फेसबुक पर मौजूद भारतीयों की जानकारी का इस्तेमाल भी किया है? नोटिस में सरकार ने छह सवाल पूछे हैं। कैंब्रिज एनालिटिका को जवाब देने के लिए 31 मार्च 2018 तक का समय दिया गया है। सरकार ने जानना चाहा है कि उसे फेसबुक के डाटा के इस्तेमाल के लिए जिस उल्लंघन का दोषी पाया गया है उसमें क्या भारतीयों की जानकारी के इस्तेमाल के लिए भी उन्हें काम सौंपा गया था? सरकार ने नोटिस के जरिए यह भी पूछा है कि कैंब्रिज एनालिटिका को इस काम के लिए किसने अनुबंधित किया था? इसी क्रम में कंपनी को यह भी बताने के लिए कहा गया है कि उन्हें यह डाटा किस प्रकार प्राप्त हुआ? क्या इसके लिए कंपनी ने लोगों से उनकी जानकारी के इस्तेमाल के लिए मंजूरी प्राप्त की?

बता दें कि ब्रिटेन की कैम्बि्रज एनालिटिका नाम की कंपनी है जिसे सूचनाओं के आधार पर आकलन करने के क्षेत्र में दुनिया की बेहतरीन कंपनियों में माना जाता है। फेसबुक यूजर्स के डाटा चोरी के इस खुलासे के बाद अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ के तमाम देशों में हड़कंप मच गया है। यह पहला मामला है जिसमें सोशल साइट्स के ग्राहकों की जानकारी के आकलन के आधार पर राजनीतिक फायदा उठाने की बात सामने आई है।

गौरतलब है कि फेसबुक के डाटा लीक मामले में कैंब्रिज एनालिटिका का नाम आने के बाद इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग को खुली चेतावनी दी थी।

सरकार ने फेसबुक से पूछे 5 सवाल-
1- क्या भारतीय वोटरों के डाटा का कैंब्रिज एनालिटिका या अन्य किसी संस्था ने दुरुपयोग किया?
2-फेसबुक या उसकी किसी एजेंसी को किसी ने भारत की चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप के लिए संपर्क किया?
3-फेसबुक ने अपने डाटा की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाये?
4-निजी जानकारियों का दुरुपयोग रोकने को फेसबुक क्या विशेष कदम उठाएगी?
5- भारतीयों के डाटा की सुरक्षा के लिए फेसबुक क्या उपाय करने जा रही है?

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