मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में चल रहे बी. फार्म कोर्स को फॉर्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) से मान्यता दे दी गई है। इसके साथ ही वर्ष 1993 से लेकर 2017 तक की डिग्री को मान्यता मिल गई है। वहीं, कोर्स में 2018-19 सत्र में होने वाले नामांकन के लिए सीटों की संख्या 15 से बढ़ाकर 60 कर दी गई है। पीसीआई की ओर से कॉलेज को इसकी जानकारी दी गई है। 1993 के बाद कोर्स को पीसीई से मंजूरी नहीं मिली थी। इसको लेकर छात्रों की ओर से लगातार गुहार लगाई जा रही थी। बी. फार्म कोर्स को एआईसीटीई से मंजूरी मिली हुई है। 1978 से शुरू हुए इस कोर्स को 1993 तक पीसीआई की मान्यता थी, लेकिन उसके बाद बगैर मान्यता के ही कोर्स का संचालन किया जा रहा था।

बी. फार्म कोर्स को पीसीआई से मान्यता मिल गई है। साथ ही 25 वर्ष पूर्व भी कोर्स से पास आउट हुए छात्रों की डिग्री को मान्यता मिल गई है। इससे उन्हें रोजगार के अवसर मिलेंगे। कोर्स की सीटें 15 से बढ़कर 60 हो गई हैं। – डॉ. जगदानंद झा, एमआईटी प्राचार्य 

25 वर्ष बाद पीसीआई से मिली मंजूरी 

 

पूर्व में ली गई परीक्षा को भी मिली अनुमति

पीसीआई ने पिछले दिनों ली गई परीक्षा को भी सही बताकर अनुमति दी है। इसमें कोर्स की शुरुआत से 2010-11 तक एमआईटी की परीक्षा बीआरए बिहार विवि की ओर से ली गई है। वहीं सत्र 2011-12 से कोर्स की परीक्षा की जिम्मेदारी आर्यभट्ट नॉलेज विवि को दी गई है।

ये होगा फायदा

फार्मेसी की डिग्री हासिल कर चुके छात्रों को कई तरह के रोजगार के लिए मिलने वाले अवसरों में हाथ मलना पड़ता था। ड्रग इंस्पेक्टर के लिए होने वाले रजिस्ट्रेशन में एमआईटी के छात्रों को काफी परेशानी होती थी। इसमें कोर्स को पीसीआई से मंजूरी होना जरूरी होता था। ऐसे में संस्थान के छात्रों के लिए रोजगार के अवसर सीमित होते थे। वहीं कोर्स में पूरे सूबे से छात्र-छात्राएं अपना एडमिशन कराते थे।

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