अगले साल से नीट के जरिए बीएचएमएस में होगा दाखिला

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मुजफ्फरपुर : अगले साल से बीआरए बिहार विश्वविद्यालय द्वारा बीएचएमएस की परीक्षा नहीं कराई जाएगी। नीट परीक्षा में सफल होने के बाद इस कोर्स में दाखिला मिलेगा। इस साल होम्योपैथी परीक्षा का कार्यक्रम जल्दी जारी होने की संभावना है। इस संबंध में छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने परीक्षा नियंत्रक से मुलाकात की थी।

बिहार में होम्यौपैथी कॉलेजों की गर्वनिंग बॉडी बीआरए बिहार विश्वविद्यालय है। राज्य में एकमात्र सरकारी होम्योपैथी कॉलेज आरबीटीएस है। 15 अन्य प्राइवेट यानी संबद्ध कॉलेज हैं। तीन साल पूर्व ऑल इंडिया होम्योपैथी एसोसिएशन ने बीएचएमएस के कोर्स का पैटर्न बदला था। लेकिन, उस कोर्स को लागू करने में अनेक प्रकार के तकनीकी पेच फंस गए थे। दो साल पूर्व ही यह निर्देश हो गया था कि होम्योपैथी की प्रवेश परीक्षा नीट कराएगी लेकिन, संबद्ध कॉलेजों ने इस निर्देश का अनुपालन नहीं किया। विश्वविद्यालय स्तर पर भी विगत दो साल तक इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया। तकनीकी समस्याओं के चलते दो साल से विश्वविद्यालय परीक्षा भी नहीं करा सका था। इस दौरान हजारों छात्र सत्र विलंब होने के कारण परेशान रहे। विश्वविद्यालय का चक्कर लगाते हुए थक गए। कुलपति आरके मंडल के निर्देश पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. मनोज कुमार ने अखिल भारतीय होम्यापैथी काउंसिल से गुहार लगाई। पत्र में कहा गया कि नियम 4 ए का उल्लंघन हुआ है। इसके लिए विश्वविद्यालय खेद प्रकट करता है। लेकिन, हजारों छात्रों के भविष्य का सवाल है इसलिए एक मौका सभी सत्र की लंबित परीक्षा कराने के लिए दिया जाए। इससे उनके भविष्य को बचाया जा सकता है। विवि के अनुरोध पर काउंसिल ने परीक्षा कराने की अनुमति दे दी है। लिहाजा एकमुश्त परीक्षा कार्यक्रम जारी कर सभी लंबित परीक्षाएं हो जाएंगी।

मंगलवार को होम्योपैथी छात्रों का प्रतिनिधिमंडल भी परीक्षा नियंत्रक से मिला था। इस पर उन्होंने कहा कि जल्दी उनकी परीक्षा कराने पर निर्णय होगा।

  • विवि के प्रयास से लंबित होम्यौपैथी परीक्षा कराने का रास्ता साफ
  • वर्ष 2018-19 की परीक्षा कार्यक्रम जारी करने का दिया गया आश्वासन

Input : Dainik Jagran