गोशाला कर्मियों की अनि’श्चितका’लीन ह’ड़ताल शुरू

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पांच सूत्री मांगों के समर्थन में रविवार से गोशाला कर्मचारी यूनियन ने अनि’श्चितकालीन ह’ड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों ने गोशाला प्रबंधन पर प्र’ताड़ित करने का आ’रोप लगाया है। सहकर्मी शिवशंकर पंडित को कार्यमुक्त करने से भी उनमें आ’क्रोश है।

गोशाला में 14 स्थायी व 16 अस्थायी कर्मी हैं। हड़ताल से गोशाला के दो सौ से अधिक मवेशियों की देखभाल पर संकट खड़ा हो गया है। हालांकि, रविवार को कर्मचारियों ने रोज की तरह मवेशियों की देखभाल की। मांगों में शिवशंकर पंडित को काम पर वापस लाना, बकाये एरियर का भुगतान, कर्मचारी भविष्य निधि में 1971 से लागू 6.25 फीसदी राशि डालना, अनुकंपा पर कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करना, कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देना और न्यूनतम वेतन अधिनियम के संदर्भ में उपश्रमायुक्त की डिग्री पारित राशि का यथाशीघ्र भुगतान कराना शामिल है।

इधर, एसडीओ पूर्वी कुंदन कुमार ने कहा कि दिए गए आदेश का उल्लंघन करने पर अनुशासनहीनता के आरोप में एक कर्मचारी को हटाया गया है। गोशाला में रह रहे मवेशियों की देखभाल में कमी के लिए लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई होगी।

17 ऊंटों को नहीं मिल रहा भोजन

गोशाला में रखे 17 ऊंटों को तीन दिनों से खाना नहीं मिल रहा है। दो ऊंटों की हालत नाजुक गई है। एक मरणासन्न की स्थिति में है जबकि दूसरे ऊंट के सिर पर गहरा घाव है। पशु चिकित्सक भी इलाज के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं। रविवार को 17 ऊंट खुले आकाश के नीचे इधर-उधर खड़े थे। बीते नौ नवंबर को कांटी पुलिस ने ट्रक पर लदे 18 ऊंटों को बरामद किया था। इसमें एक की मौत हो चुकी थी। गोशाला के व्यवस्थापक जमुनादास त्रिवेदी ने बताया कि जो भी संसाधन हैं, उससे देखभाल की जा रही है। जिला पशुपालन पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि ऊंटों को राजस्थान वापस भेजने के लिए न्यायालय में अर्जी दी गई है। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, सरकारी खर्च से राजस्थान भेजा जाएगा। ऊंटों के इलाज के लिए रोज चिकित्सक जा रहे हैं।

Input : Hindustan