मणिका में ग्रामीणों के बवाल से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का शिलान्यास टला, बोर्ड उखाड़ा

113

मुशहरी (मुजफ्फरपुर) : प्रखंड मुख्यालय के समीप स्थित मणिका मन की श्मशान भूमि पर गुरुवार को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का शिलान्यास ग्रामीणों के बवाल के कारण टल गया। ग्रामीणों ने नगर विकास एवं आवास मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आक्रोश की सूचना पर मंत्री सुरेश कुमार शर्मा वहां नहीं पहुंचे। आक्रोशित लोगों ने शिलान्यास के बोर्ड को उखाड़ दिया और वहां लगे टेंट को तोड़ दिया। एसएसपी के हड़काने पर ग्रामीण और उग्र हो गए। बाद में अधिकारी वहां से लौट गए। इस बीच बीडीओ के आवेदन पांच नामजद व दो सौ अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।

वाटर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगने देने के पीछे भूमाफिया का हाथ : मंत्री

नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने कहा कि मणिका में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगने देने के पीछे कुछ भूमाफिया का हाथ है। ऐसे लोग बहुमूल्य जमीन को कब्जा करना चाहते हैं। 183 करोड़ की लागत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाना है। सबसे पहले श्मशान की भूमि पर चहारदीवारी बनाकर शवदाह गृह बनाया जाता। उसके बाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाता। पानी को शुद्ध कर खेती योग्य बनाया जाएगा। इससे किसानों को काफी फायदा होगा। सात किलोमीटर में फैले मणिका मन में कृषकों के लिए पर्याप्त जल हमेशा उपलब्ध रहेगा। अगर जनता को विकास मंजूर नहीं है तो सरकार पैसा वापस ले लेगी। जिला प्रशासन जनता के साथ हैं। वे लोग ग्रामीणों से फिर इस मसले पर बात करेंगे। उम्मीद है कि लोग मान जाएंगे।

  • 183 करोड़ की लागत से प्रखंड मुख्यालय के समीप होना है निर्माण, लोगों में है नाराजगी

विधायक ने मंत्री के समक्ष जताई आपत्ति : स्थानीय विधायक बेबी कुमारी ने बताया कि उनके प्रयास से मणिका मन को झील का दर्जा मिला है जहां सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के शिलान्यास की जानकारी उन्हें नहीं थी। जब जानकारी हुई तब नगर विकास मंत्री को फोन कर आपत्ति जताई।

लौट गए एसएसपी समेत अन्य अधिकारी

ट्रीटमेंट प्लांट का शिलान्यास गुरुवार को नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा के हाथों होना था। स्थल पर टेंट लगाकर शिलान्यास का बोर्ड लगाया गया था। ग्रामीणों को जैसे ही श्मशान में ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की जानकारी मिली, काफी संख्या में लोग पहुंच गए। मंत्री के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए टेंट को क्षतिग्रस्त कर दिया। शिलान्यास के बोर्ड को उखाड़ दिया। मुशहरी थानाध्यक्ष धर्मेद्र कुमार ने इसकी जानकारी एसएसपी व एसडीओ पूर्वी को दी। दोनों अधिकारी एसडीपीओ पूर्वी व एएसपी अमितेश कुमार के साथ पहुंचे। एसडीओ कुंदन कुमार ने ग्रामीणों को समझा कर शांत कराया। इस बीच नारेबाजी को देख एसएसपी जयंत कांत ने कुछ ग्रामीणों को हड़काया। इससे लोग और भड़क उठे। जब स्थिति नियंत्रित नहीं हुई तो अधिकारियों ने पांच लोगों को अपनी बात रखने के लिए थाने पर बुलाया, लेकिन ग्रामीण राजी नहीं हुए। ग्रामीणों ने कहा कि जो बात होगी, सबके सामने होगी। इसके बाद एसएसपी लौट गए।

  • शहर का गंदा पानी आने व बीमारी फैलने की आशंका जता रहे ग्रामीण, एसएसपी की बात पर भड़के लोग

Input : Dainik Jagran