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मुज़फ़्फ़रपुर के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में छात्रों को किया जाता है प्रताड़ित, छोलनी से होती है पिटाई

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मुज़फ़्फ़रपुर बीते कुछ दिनों से लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है. बालिका गृह कांड के कारण मुज़फ़्फ़रपुर काफी चर्चा में आ गया है. वहीं आज फिर एक मामला उजागर हुआ है. आपको बता दें कि मुज़फ़्फ़रपुर के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में छात्राओं को प्रताड़ित किया जाता है. छात्राओं द्वारा विरोध करने पर उन्हें डंडे और छोलनी से पीटा जाता है. यह मामला एलईओ के निरीक्षण में उजागर हुआ है. यह मामला ज़िला के कुढ़नी थाना क्षेत्र के तुर्की कस्तूरबा गांधी विद्यालय का है.

मुज़फ़्फ़रपुर के बलिकागृह में बच्चियों के साथ दुर्व्यवहार का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि कुढ़नी के तुर्की में कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं के साथ का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है. इस विद्यालय में निरीक्षण के दौरान छात्राओं ने अपने वार्डन पर जो आरोप लगाये हैं वह चौंकाने वाले हैं.

भोजन मांगने पर छोलनी से होती है पिटाई :

यहां की छात्राओं को भर पेट भोजन नहीं मिलता है. जब कोई छात्रा भोजन की शिकायत करती है या अतिरिक्त खाना मांगती है तो वार्डन उसे डंडे और छोलनी (सब्जी बनाने वाला लोहे का यंत्र) से पिटाई करती है.

विद्यालय के होस्टल में नहीं है फर्स्ट एड और दवाई

होस्टल की लड़कियों के बीमार होने के स्थिति में यहां कोई मेडिकल सुविधा उपलब्ध नहीं है. लड़कियों को घर से दवाई खरीदकर लाने को कहा जाता है. कक्षा 6 की छात्रा स्वाति के हाथों में महीनों से चर्म रोग है. लेकिन छात्रा को शनिवार को दवा उपलब्ध कराई गई. कैमरा के सामने कहानी बताते समय स्वाति रो पड़ती है.

लड़कियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार के संबंध में पूछने पर वार्डन नंदा चौधरी पूरे मामले को नकारते हुए छात्राओं को डरा कर दिलवाया गया बयान बताती है. वार्डन के अनुसार विद्यालय में सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा है. लेकिन इसी विद्यालय की शिक्षिका ज्योति कुमारी अपने वार्डन की बातों को झुठलाते हुए कहती हैं कि छात्राओं को मेनू के अनुसार भोजन नहीं मिलता है. शिक्षिका ने बताया कि दवाई भी उपलब्ध नहीं है.

महिला प्रसार पदाधिकारी रेखा वर्मा का बयान

वहीं विद्यालय की जांच करने गई प्रखंड महिला प्रसार पदाधिकारी (कुढ़नी) रेखा वर्मा से जब पूछा गया तो उन्होंने खुलकर बताया कि होस्टल की छात्राओं को पोष्टिक आहार नहीं दिया जाता है. शिकायत करने पर छात्राओं की पिटाई की जाती है. साथ ही बड़ी लड़कियों को सैनिटरी नैपकिन, दवाइयां इत्यादि उपलब्ध नहीं करवाया जाता है. भोजन मेनू के अनुसार नहीं रहता है. सभी चीजों की जानकारी और रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दिया गया है.

वहीं पूरे घटना पर क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक तिरहुत प्रमंडल ब्रजेश कुमार ओझा ने कहा कि जो जानकारी आपके माध्यम से मिली है यदि ये सही है तो निश्चित रूप से उस पर कार्रवाई हमलोग करेंगे. वहीं डीपीओ को अभी निर्देश दे रहे है कि सर्वशिक्षा अभियान के तहत कम्पोनेंट है कि व्यक्तिगत रूप से इसकी जांच कर साथ ही जांच प्रतिवेदन आते ही उस पर त्वरित कार्रवाई होगी. विभाग इसे काफी गम्भीरता से ले रही है. जो घटना पता चला है वो बहुत ही गम्भीर है. निश्चित इसकी जांच करवाकर जो भी दोषी पाए जाएंगे उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

गौरतलब है कि पढ़ाई-लिखाई से दूर हो चुकी गरीब परिवारों की बेटियों को शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए सरकार ने देश भर में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय चलाया जाता है. लेकिन बिहार के मुजफ्फरपुर में इन विद्यालयों की जमीनी हकीकत क्या है? यह इस रिपोर्ट से उजागर होता है. जरूरत है कि सरकार अविलंब इस पर ध्यान दे और हालात को यथाशीघ्र सुधारे.

Input:Live Cities

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