सरैयागंज से एसकेएमसीएच तक हटेंगी सड़क किनारे की मीट व चिकन दुकानें

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सरैयागंज टाॅवर चाैक से अखाड़ाघाट व जीराेमाइल हाेकर मेडिकल काॅलेज तक राेड के दाेनाें किनारे लगीं मीट व चिकन की दुकानें अ’वैध घाेषित कर दी गईं हैं। इसके बाद प्रशासन ने इन दुकानाें काे बंद करने का निर्णय  लिया है।

SDO  पूर्वी डाॅ. कुंदन कुमार ने इसे अवैध बताकर बंद कराने की जिम्मेदारी नगर थानेदार ओम  प्रकाश व अहियापुर थानेदार विकास कुमार काे साैंपी है। SDO  ने कहा, अतिक्रमण कर बनाई गई दुकानाें में बकरे व मुर्गे काटे जा रहे हैं। अवैध ढंग से ये दुकानें बूचड़खाना बनी हुई हैं। सरैयागंज से मेडिकल ओवरब्रिज  तक करीब करीब तीन दर्जन से अधिक दुकानें अवैध ढंग से सड़क किनारे खाेल ली गईं हैं। इन दुकानाें के खून और  अन्य अवशेष काे बूढ़ी गंडक में फेंक दिया जाता है। इससे एक बड़े वर्ग की आस्था  पर भी ठेस पहुंच रही है। कई मीट दुकानें ताे मंदिर व अन्य इबादतगाह के आसपास  खुली हैं। बता दें कि इस संबंध में डीएम ऑफिस  से लेकर SDO  कार्यालय तक में कई लाेगाें ने शिकायत की थी। इसके बाद प्रशासन ने इन दुकानाें काे बंद कराने का सख्त निर्णय लिया। नगर थानेदार ने बताया, कितनी दुकानाें काे हटाना है, इसे लेकर सर्वे किया जा रहा है। सूची बनाकर सभी काे नाेटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी दुकानें बंद नहीं की गईं ताे दंडात्मक कार्रवाई के लिए मजिस्ट्रेट की मांग कर सख्ती से दुकानाें काे बंद कराया जाएगा।

सिकंदरपुर ओपी  के सामने हर दिन कटते हैं एक दर्जन से अधिक बकरे

सिकंदरपुर ओपी के सामने और  उसके बगल में मीट की तीन बड़ी-बड़ी दुकानें हैं। इन सबमें हर दिन एक दर्जन से अधिक बकरे काटे जाते हैं। बकरे काे दुकान में ही जिबह किया जाता है, जबकि नियमानुसार बकरे काे नगर निगम से निबंधित बूचड़खाने में काटने का प्रावधान है। यदि दुकान में बकरा काटा जा रहा है ताे कानूनन अपराध है। इसलिए बकरे काे जिबह करने से पूर्व पशु चिकित्सक का सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है।

इनपुट : दैनिक भास्कर