धर्मपुर में फिर हादसा, मौत पर बवाल

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एनएच 77 पर धर्मपुर में एक बार फिर सड़क हादसे में एक की मौत हो गई। जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। शुक्रवार को उसी जगह हादसा हुआ जहां 24 फरवरी को बोलेरो ने नौ स्कूली बच्चों को रौंद दिया था। मृतक की पहचान हथौड़ी थाना के भदई गांव के मो. इरफान के रूप में हुई है। उसकी गांव के घायल मो. सफी का एसकेएमसीएच में इलाज चल रहा है।

हादसे के बाद धर्मपुर व भदई के पास पितौझिया चौक पर एनएच 77 को जाम कर दिया। जाम के कारण एनएच पर करीब तीन घंटे तक यातायात बाधित रहा। सुबह करीब आठ बजे धर्मपुर स्कूल के पास ट्रक ने एक बाइक सवार दो लोगों को रौंद दिया। दुर्घटना के बाद चालक ट्रक छोड़कर भाग निकला। इसकी सूचना पर भदई से पहुंचे मृतक के ग्रामीण व स्थानीय लोगों ने धर्मपुर में एनएच जाम कर दिया। जाम की सूचना पर पहुंचे बीडीओ संजय कुमार सिन्हा ने लोगों को समझाकर शांत कराया। स्थानीय लोग लगातार हो रहे हादसे को लेकर आक्रोशित थे। बीडीओ ने मृतक के परिजन को मुआवजा देने के लिए औराई बीडीओ को अनुशंसा कर दी। इसके बाद लोग लोग एनएच से हट गए। मौके पर सीओ ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव और थाना अध्यक्ष भी मौजूद थे। थानाध्यक्ष सह आईपीएस अशोक मिश्रा ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को पुलिस ने जब्त कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया गया है। परिजन के बयान पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।

शव के साथ पितौझिया में किया एनएच पर जाम

औराई। धर्मपुर से लौटने के बाद ग्रामीणों ने भदई गांव के पास पितौझिया चौक एनएच 77 को जाम कर प्रदर्शन करने लगे। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोग मृतक के परिजन को चार लाख रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे थे।

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सूचना पर पहुंचे बीडीओ सत्येन्द्र कुमार यादव ने सड़क जाम कर रहे लोगों को समझाकर शांत कराया। बीडीओ ने मुखिया रविंद्र बैठा से तत्काल पारिवारिक लाभ योजना का 20 हजार अपने पास से देने को कहा, साथा ही चार लाख की सहायता राशि के लिए जिला में रिपोर्ट भेजने की बात कही। करीब डेढ़ घंटे के बाद लोगों ने जाम हटाया। धर्मपुर व पितौझिया में जाम के कारण एनएच पर तीन घंटे तक यातायात बाधित रहा। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम गांव में शव आने का इंतजार हो रहा था।

हादसे में कई थी 9 बच्चों समेत 11 की जान

24 फरवरी को धर्मपुर स्कूल के बच्चों को अनियंत्रित बोलेरो ने रौंद दिया था। हादसे में नौ बच्चों समेत 11 लोगों की जान गई थी। हादसे के बाद डर से सहमे कुछ धर्मपुरवासी अपने बच्चों को स्कूल भेजना भी बंद कर दिए हैं।

Input : Live Hindustan