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22 अप्रैल को मुजफ्फरपुर में कुछ भी हो जायेगा, अगर शेर सिंह राणा आ गए शहर में

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मुजफ्फरपुर में आगामी 22 अप्रैल को मनाये जाने वाले वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव को लेकर माहौल गरम हो गया है. जिले में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा आयोजित किये जाने वाले इस कार्यक्रम में शेर सिंह राणा को बुलाने पर निषाद समाज ने कड़ी आपत्ति जताई है. सन ऑफ़ मल्लाह के नाम से जाने जानेवाले मुकेश सहनी के ‘निषाद विकास संघ’ ने कार्यक्रम में राणा की मौजूदगी पर एतराज जताते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है.

निषाद विकास संघ के मुजफ्फरपुर के जिलाध्यक्ष विरेन्द्र सहनी ने आज शुक्रवार 20 अप्रैल को मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी धर्मेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा है. संघ ने अपने ज्ञापन में कहा है कि शेर सिंह राणा पूर्व सांसद फूलन देवी का हत्यारा है. एक हत्यारे और घोषित अपराधी को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा नायक बनाने का प्रयास किया जा रहा है. यह निषाद समाज कभी बर्दाश्त नहीं करेगा.

निषाद विकास संघ के मुजफ्फरपुर के जिलाध्यक्ष विरेन्द्र सहनी ने आज शुक्रवार 20 अप्रैल को मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी धर्मेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा है. संघ ने अपने ज्ञापन में कहा है कि शेर सिंह राणा पूर्व सांसद फूलन देवी का हत्यारा है. एक हत्यारे और घोषित अपराधी को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा नायक बनाने का प्रयास किया जा रहा है. यह निषाद समाज कभी बर्दाश्त नहीं करेगा.

संघ ने डीएम को दिए ज्ञापन में मांग की है कि 22 अप्रैल को होने वाले इस कार्यक्रम में शेर सिंह राणा को शामिल होने से रोका जाए.

संघ ने शेर सिंह राणा को मुजफ्फरपुर जिले में न घुसने देने की मांग भी प्रशासन ने की है. संघ ने कहा है कि जिला प्रशासन अगर मुजफ्फरपुर में सहारनपुर जैसी घटना नहीं दोहराना चाहता है, तो राणा के प्रवेश पर पाबंदी लगाए. अन्यथा उस दिन जिले में हुई किसी भी जातीय हिंसा अथवा किसी अप्रिय घटना के लिए जिला प्रशासन ही जिम्मेवार होगा.

मालूम हो कि निषाद विकास संघ स्वर्गीय सांसद फूलन देवी को अपना नायक मानता है. संघ का कहना है कि जब बाबू वीर कुंवर सिंह पर अंग्रेजों ने हमला किया था, तब निषाद (मल्लाह) समाज के लोगों ने ही उन्हें गंगा पार कराकर उनकी जान बचाई थी. अब फूलन देवी के हत्यारे को कुंवर सिंह के विजयोत्सव के दिन ही सम्मानित करना, निषाद समाज का अपमान होगा.

Input : Live Cities

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