Home Muzaffarpur सरकारी दावों में शराबबंदी, धंधे में रोज बुलंदी

सरकारी दावों में शराबबंदी, धंधे में रोज बुलंदी

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बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बाद पुलिस व उत्पाद विभाग ने मिलकर बेशक बड़ा काम किया है। मगर तमाम कार्रवाईयों के बाद भी माफिया तंत्र को नेस्तनाबूद नहीं किया जा सका है। यह जिला देशभर के बड़े शराब माफिया का पनाहगाह बना हुआ है। मुजफ्फरपुर से पूरे बिहार में धंधा संचालित हो रहा है। सख्ती और मुस्तैदी के बावजूद शराब का घंधा बेखौफ फल-फूल रहा है। यहां तक कि स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों से संचालित हो रहा है। भटके युवा धंधे को कमाई का जरिया बना चुके हैं।

अहियापुर माफिया के लिए सेफ जोन : नेपाल, हरियाणा, बंगाल और झारखंड से बड़ी खेप आती है। सख्ती बढ़ने पर पश्चिमी दियारा में देसी शराब बनाने का धंधा चल रहा है। शहर में अहियापुर थाना क्षेत्र तो मोतीपुर, देवरिया के कारोबारी भी शराब की खेप मंगवा रहे हैं।

सरकारी तंत्र संदेह के घेरे में : खुफिया रिपोर्ट में शराब के अवैध कारोबार, जब्ती सूची में हेराफेरी और संरक्षण को लेकर भी कई पुलिस अफसरों की भूमिका संदेह के घेरे में है। थानेदारों की कौन कहें, पूर्ववर्ती पुलिस अधिकारी विवेक कुमार की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो चुके हैं।

आर्थिक अपराध इकाई ने कसा शिकंजा : कहा जा रहा है कि उत्पाद विभाग की अनुशंसा पर आर्थिक अपराध इकाई ने 25 चिन्हित लोगों में से 12 का कॉल डिटेल्स खंगाला और संदेह होने पर उनसे जवाब-तलब भी किया। इसके बाद उनमें से कुछ मानहानि का दावा ठोकते हुए कोर्ट चले गए। कोर्ट ने इस आधार पर उनकी दलील ठुकराते हुए जांच एजेंसी के काम में हस्तक्षेप से इन्कार कर दिया है। उत्पाद व पुलिस दोनों को ही इस बात का संदेह है कि वे शराब माफिया के लगातार संपर्क में हैं।

सिवान, छपरा, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, वैशाली व मोतिहारी में बड़ी रिकवरी हुई है। सक्रिय अपराधियों के खिलाफ चार्जशीट हुआ है। ट्रायल चल रहा है। बेतिया में 8 मामलों में दस लोगों को सजा हुई है। अन्य जिलों में भी सजा होगी तो और प्रभाव पड़ेगा। काफी इनपुट हमें मिल रहे हैं। लोगों से भी अपेक्षा है कि धंधेबाजों के खिलाफ पुलिस को सहयोग करें। -सुनील कुमार, आइजी, तिरहुत जोन

बिहार के पैमाने पर मुजफ्फरपुर में बड़ी कार्रवाईयां हुई हैं। भारी मात्र में शराब जब्त हुई है। बड़े-बड़े माफिया के विरुद्ध अभियोग दर्ज किया गया। कई माफिया को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इनमें मोतीपुर क्षेत्र के दो बड़े माफिया भी शामिल हैं। -दीनबंधु, अधीक्षक, उत्पाद

करीब सवा दो लाख लीटर देसी विदेशी शराब जब्त

अमूमन यहां प्रतिदिन जब्त की जाती है शराब, गिरफ्तार किए जाते हैं हंगामा करते शराबी

 

पड़ताल – शराबबंदी के बाद दो साल में 3431 को जेल, 72 फरार धंधेबाज नहीं आ रहे पकड़ में, पूर्ण शराबबंदी बड़ी चुनौती

दो साल में पुलिस व उत्पाद विभाग की कुल उपलब्धि

कुल छापेमारी : 13556

दर्ज मामले : 2708

जेल भेजे गए : 3431

फरार अभियुक्तों की संख्या : 72

जब्त विदेशी शराब : 211,063.362 लीटर

जब्त देसी शराब : 1732.38 लीटर

पुलिस की उपलब्धि

कुल छपेमारी : 7550

दर्ज मामले : 1652

जेल भेजे गए : 2250

जब्त विदेशी शराब : 118792.66 लीटर

जब्त देसी शराब :1159.5 लीटर

उत्पाद विभाग की उपलब्धि

कुल छापेमारी : 6006

दर्ज मामले : 1056

जेल भेजे गए : 1181

जब्त विदेशी शराब : 92270.702 लीटर

जब्त देसी शराब : 572.87 लीटर

Input : Dainik Jagran

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