लॉकडाउन में अब मोबाइल रिचार्ज और किताब की दुकानें भी खुलेंगी

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नई दिल्ली : देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान छूट वाली सेवाओं को लेकर गृह मंत्रलय ने स्पष्टीकरण जारी किया है। मंत्रलय का कहना है कि पहले जारी दिशानिर्देशों के तहत घरों में रह रहे वरिष्ठ नागरिकों की सेवा में लगे अटेंडेंट को काम करने की इजाजत है। प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज की दुकानों, ब्रेड फैक्ट्री और आटा मिल को भी परिचालन की अनुमति दी जा चुकी है। इलेक्टिक फैन और स्कूली किताबों की बिक्री की भी इजाजत है।

गृह मंत्रलय ने बताया कि अब तक जारी दिशानिर्देशों के तहत सेवाओं और गतिविधियों को मिली छूट को लेकर आ रहे प्रश्नों को देखने के बाद नए सिरे से नोट जारी किया जा रहा है। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को दी गई जानकारी में मंत्रलय ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में लॉकडाउन के दौरान ब्रेड फैक्ट्री जैसी फूड प्रोसेसिंग इकाइयों, दुग्ध प्रसंस्करण इकाइयों, आटा व दाल मिल आदि को परिचालन की अनुमति है। कृषि एवं बागवानी से जुड़े शोध केंद्र, बीजों व बागवानी उत्पादों के जांच केंद्र भी काम कर सकते हैं। मधुमक्खियों का छत्ता, शहद और इस तरह के अन्य उत्पादों को राज्य के भीतर या एक से दूसरे राज्यों में ले जाने की भी अनुमति है। मंत्रलय ने कहा कि निचले स्तर पर किसी तरह का भ्रम नहीं पैदा हो, इसलिए जिला अधिकारियों और फील्ड एजेंसियों को इस संबंध में सूचित किया जाए। मंत्रलय ने बंदरगाहों पर गतिविधियों के लिए भी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी किया है। मंत्रलय ने यह स्पष्ट किया कि किसी भी कार्यालय, फैक्ट्री या संस्थान में काम के दौरान फिजिकल डिस्टेंसिंग से जुड़े प्रावधानों के पालन में लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। सरकार कृषि एवं इससे संबंधित गतिविधियों को भी पूरी तरह मंजूरी दे चुकी है। इनमें फसलों की कटाई, बोआई और खरीद आदि शामिल हैं।

इन्हें भी है अनुमति

  • घरों में वरिष्ठ नागरिकों की सेवा में लगे अटेंडेंट
  • आटा और दाल मिल, ब्रेड की फैक्ट्री का परिचालन
  • दुग्ध प्रसंस्करण इकाइयां भी कर सकती हैं काम