मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा शहर में एक युवक ने ‘इंजीनियर चायवाला’ के नाम से चाय की दुकान खोली है जोकि काफी चर्चा में है. साथ ही चाय की दुकान में लगे हुए बोर्ड पर लिखे हुए शब्द आजकल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुए हैं. चाय की दुकान के बोर्ड पर कुछ इस प्रकार लिखा हुआ है ‘वैसे तो मैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूं, मैं कई कंपनियों में काम कर चुका हूं. जहां पैसे तो मिलते थे लेकिन सुकून नहीं, मैं हमेशा से ही बिजनेस करना चाहता था’.

सॉफ्टवेयर इंजीनियर का नाम अंकित नागवंशी है. उनका कहना है कि वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और कई कंपनियों में काम कर चुके हैं. लेकिन वह खुद का व्यवसाय करना चाहते थे इसलिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी. अंकित ने बताया कि जब वह सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करते थे तो हम सभी दोस्त ऑफिस से बाहर चाय पीने जाते थे. तब कभी-कभी चाय अच्छी मिलती थी और कभी-कभी अच्छी नहीं मिलती थी.


अंकित नागवंशी का कहना है कि चाय कभी-कभी ऑफिस में भी आ जाती थी. हम एक चाय की दुकान में गए और चाय वाला हमारा दोस्त बन गया था. बातों ही बातों में उसने हमें बताया कि हम डेढ़ से दो लाख रुपये के आसपास तक कमा लेते हैं. हम आपस में चर्चा करने लगे कि ये तो काफी ज्यादा कमाई है. हम इतनी मेहनत करने के बाद भी इतना नहीं कमा पाते हैं.

उन्होंने आगे बताया कि मैंने सोचा कि इतनी कमाई तक पहुंचने में काफी समय लग जाएगा. फिर वहां से इच्छा होने लगी क्यों ना बिजनेस स्टार्ट किया जाए. भले ही वो चाय का ही क्यों ना हो, फिर हिम्मत करके परिवार में खाने-पीने के बिजनेस के बारे में चर्चा की. परिवार ने कहा कि कठिन है लेकिन सोच समझकर निर्णय लो. मुझे निर्णय लेने में 3 साल लग गए और आखिरकार मैंने जॉब छोड़ दी. मैंने नागपुर में 3 से 4 जगह नौकरी की है. नौकरी करते-करते में स्किल्स डेवलप कर सकता था. कमाई करने में समय लग जाता. मैंने चाय से ही बिजनेस शुरू किया है. ये रिस्क फ्री बिजनेस है.

अंकित नागवंशी का कहना है कि मैं परिवार में सबसे बड़ा हूं. मेरे तीन छोटे भाई-बहन हैं. काफी पहले मेरे माता-पिता गुजर गए. जितने भी युवा हैं उनको तो मैं यही कहना चाहूंगा कि बिजनेस शुरू करना तो मेरी पर्सनल इच्छा थी. जब बुरा वक्त आता है तब सवाल उठाने वाले लोग मदद करने नहीं आते. इससे बेहतर है अगर आपमें कोई खासियत है या कोई भी स्किल है तो उसे छुपाओ मत. फिलहाल हम दिनभर में 300 लोगों को चाय पिला देते हैं.