राममंदिर भूमि पूजन के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर, शिलान्यास पर फंस सकता है पेंच !

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राममंदिर भूमि पूजन पर रोक के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है. याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा है कि भूमि पूजन अनलॉक और कोरोना गाइडलाइन का सरेआम खुला उल्लघंन है. याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि इस भूमि पूजन के लिए 300 लोग जुटने की खबर है, जो कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के खिलाफ है.

ज़ी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के समाजिक कार्यकर्ता साकेत गोखले ने यह जनहित याचिका दायर की है. याचिका में गोखले ने भूमि पूजन पर रोक लगाने की मांग की है. पीआईएल में कहा गया है कि इससे कोरोना का खतरा और ज्यादा बढ़ेगा, इसलिए इस पर तत्काल रोक लगाया जाए. याचिकाकर्ता ने कहा कि यूपी सरकार केंद्रीय गृह मंत्रालय के गाइडलाइन में छूट नहीं दे सकती है.

लेटर पिटिशन दाखिल- बता दें कि गोखले ने कोर्ट में लेटर पिटिशन दाखिल की है. पिटिशन इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के नाम है. इस पिटिशन में राममंदिर ट्रस्ट के अलावा केंद्र सरकार को भी पक्षकार बनाया गया है. हालांकि अभी तक पिटिशन पर सुनवाई की तारीख तय नहीं हुई है.

पीएम रखेंगे नींव- अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीराम मंदिर के लिए भूमिपूजन पांच अगस्त को दोपहर 12:15 बजे करेंगे. भूमि पूजन के दिन विश्व हिंदू परिषद घर-घर दीप जलाने का कार्यक्रम आयोजित करेगी. इस दिन प्रत्येक हिंदू परिवार को गौरवमयी अवसर से जोड़ने के लिए वृहद अभियान चलाया जायेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर की नींव रखेंगे, वहीं घर-घर, गांव-गांव में दीपोत्सव मनाया जायेगा.

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने उठाया सवाल- भूमि पूजन को लेकर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने सवाल उठाया है. शंकराचार्य ने कहा कि जिस मुहूर्त में यह किया जा रहा है. वो गलत मुहूर्त है. वहीं स्वामी के जवाब में राममंदिर ट्रस्ट के महंतों ने कहा कि स्वामी आकर शास्त्रार्थ कर लें.
Sources:-Prabhat Khabar