टाटा को मिला संसद की नई बिल्डिंग बनाने का ठेका, 861.90 करोड़ रुपये आएगी लागत

संसद भवन की नई बिल्डिंग सेंट्रल विस्टा बनाने का ठेका टाटा ग्रुप को मिला है। संसद के नई इमारत की लागत 861.90 करोड़ रुपये आएगी। टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने 861.90 करोड़ रुपये की लागत से नए संसद भवन के निर्माण का अनुबंध हासिल किया।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत संसद भवन की नई इमारत बनाई जानी है. यह इमारत मौजूदा संसद भवन के पास ही प्लॉट नंबर 118 पर बनाई जाएगी. यह इमारत बेसमेंट को मिलाकर दो मंजिल की होगी. CPWD के मुताबिक इस पर करीब 889 करोड़ रुपये की लागत आएगी और निर्माण कार्य 21 महीने में पूरा होगा. प्री-क्वालिफिकेशन के दौर में सात कंपनियों को शामिल किया गया था, लेकिन इनमें से सिर्फ तीन कंपनियां ही फाइनल बिडिंग राउंड के लिए चुनी गईं.

भवन का शिलान्यास 12 फरवरी 1921 को ड्यूक आफ कनाट (Duke of Connaught) ने किया था. जबकि इसकी शुरुआत तत्कालीन वायसराय लार्ड इरविन ने 18 जनवरी 1927 को की थी. इस तरह अब इस बिल्डिंग की उम्र 92 साल हो चुकी है. लोकसभा में कार्यवाही शुरू होने पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा था कि हम सबकी यह आकांक्षा है कि दुनिया के सबसे बड़े गणराज्य और विशाल लोकतंत्र का संसद भवन सबसे भव्य और सबसे आकर्षक बने.

तब 83 लाख रुपये थी लागत ; 92 साल पहले यानी भारत की गुलामी के दौर में जब यह भवन बनकर तैयार हुआ था तब इसकी लागत कुल 83 लाख रुपये आई थी. लेकिन अब नई बिल्डिंग बनाने में कितने सौ करोड़ का खर्च आएगा, यह अभी तक तय नहीं है. इसका डिजाइन ब्रिटिश आर्किटेक्ट एडविन लुटियन (Edwin Lutyens) और हर्बर्ट बेकर (Herbert Baker) ने तैयार किया था. इसके आर्किटेक्ट भले ही विदेशी थे लेकिन निर्माण भारत की ही सामग्री से हुआ. बनाने वाले श्रमिक भारतीय ही थे.

संसद भवन का सेंट्रल हॉल (Photo-Lok Sabha)
वर्तमान संसद भवन : गोलाकार आवृत्ति में निर्मित संसद भवन का व्यास 170.69 मीटर का है. जबकि इसकी परिधि 536.33 मीटर है. यह करीब छह एकड़ में फैला हुआ है. भवन के पहले तल का गलियारा 144 मजबूत खंभों पर टिका हुआ है. हर खंभे की लंबाई 27 फीट है. इसके बीच में मुगलकालीन जालियां लगी हैं.