फेसबुक डाटा लीक मामले के बाहर आने के बाद कंपनी को काफी आक्रोश और आलोचना का सामना करना पड़ा है। ऐसे में मार्क जुकरबर्ग के माफी मांगने से काम नहीं चला। कंपनी ने अब अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स में बड़े बदलाव करने का एलान किया है। इन बदलावों के बाद यूजर्स को अपने डाटा और पोस्ट पर अधिक नियंत्रण मिलेगा। इसी के साथ यूजर्स सोशल मीडिया पर अपनी डिटेल्स को नियंत्रित भी कर पाएंगे।

फेसबुक यूजर्स का डाटा हुआ लीक : बता दें कि कैंब्रिज एनालिटिका ने करीब पांच करोड़ फेसबुक यूजर्स का डाटा एक एप के जरिए हासिल किया था। इस एप को करीब 2.70 लाख लोगों ने डाउनलोड किया था। इन आंकड़ों का इस्तेमाल कथित तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रचार अभियान के दौरान किया गया। हालांकि, कैंब्रिज एनालिटिका ने इससे इन्कार किया है। इसी बाबत फेसबुक ने यूजर्स कि निजता को सुरक्षित रखने के लिए बदलाव करने कि बात कही है।

सेटिंग में किए गए बदलाव: फेसबुक के अनुसार, मोबाइल एप और प्राइवेसी सेटिंग में बड़े बदलाव किए गए हैं। यूजर्स डाटा सेटिंग और टूल्स को आसानी से खोज सकेंगे और फेसबुक से अपना निजी डाटा आसानी से हटा भी सकेंगे। यही नहीं सेटिंग्स मेन्यू को भी पूरी तरह बदल दिया गया है ताकि लोगों को इसे खोजने में किसी दिक्कत का सामना करना नहीं पड़े।

डाटा रेगुलेशन की सख्त जरुरत: फेसबुक के फिलहाल 2.1 बिलियन यूजर्स एक्टिव हैं। इनमें से 1.4 बिलियन यूजर्स रोजाना साइट का इस्तेमाल करते हैं। सोशल नेटवर्किंग साईट होने के चलते इस पर लोग नियमित तौर पर अपने विचार, फोटोज और लाइफ इवेंट्स शेयर करते हैं। इससे फेसबुक के पास किसी भी कंपनी या व्यक्ति की हाई रिजोल्यूशन पिक्चर और जानकारी साझा हो जाती है। यह जानकारी लीक होने पर इसका कई बड़े स्तर पर गलत तरह से प्रयोग किया जा सकता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है की क्या आने वाले समय में प्राइवेसी प्रोटेक्शन और डाटा रेगुलेशन को लेकर कानून बनाए जाएंगे या नहीं? क्योंकि इस बड़े डाटा चोरी के मामले के बाद यूजर्स की निजी जानकारी की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए ऐसे कानूनों की सख्त जरुरत लगती है।

Input : Dainik Jagran

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