नगर निगम में व्याप्त अराजकता व दोषपूर्ण कार्यप्रणाली के विरोध में तीन वार्ड पार्षदों ने संघर्ष का एलान किया है। वार्ड 20 के पार्षद संजय कुमार केजरीवाल, वार्ड 21 के पार्षद केपी पप्पू व वार्ड 27 के पार्षद अजय ओझा ने बुधवार को नगर आयुक्त संजय दुबे से मिलकर छह सूत्री मांग पत्र सौंपा। साथ ही 23 अप्रैल तक मांग पूरा नहीं होने पर 24 अप्रैल से निगम कार्यालय में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी। ज्ञापन में तीनों पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि उनकी लड़ाई महापौर, उपमहापौर, नगर आयुक्त व नगर विकास मंत्री से नहीं है। वे निगम में व्यवस्था परिवर्तन व कार्य संस्कृति के विकास की लड़ाई लड़ रहे हैं। निगम की कार्यप्रणाली से जनता की नाराजगी उन्हें झेलनी पड़ रही है। जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। कहा कि जब तक निगम में कार्य संस्कृति का विकास नहीं होगा न शहर का विकास होने वाला है और न ही लोगों की समस्याएं दूर होने वाली हैं।

पार्षदों द्वारा उठाए गए सवाल :

– पार्षदों के पत्रों का निगम में संज्ञान नहीं लिया जाता। काम कराना तो दूर पत्र का जवाब देना तक उचित नहीं समझा जाता।

– पार्षदों के लिए निगम कार्यालय में कोई जगह नहीं। कार्यालय आने पर इधर-उधर भटकना पड़ता है।

– टूटे स्लैब व टूटे रिक्शा ठेला जैसे छोटे-छोटे कार्यो के लिए पार्षदों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।

– बोर्ड एवं सशक्त स्थाई समिति की बैठकों में पार्षदों के प्रस्ताव को नहीं रखा जाता।

– पानी कनेक्शन, म्यूटेशन, नक्शा पास करने जैसे कार्यो को लंबे समय तक रोक कर रखा जाता है। इससे पार्षदों को जनता का आक्रोश झेलना पड़ता है।

– सरकार की विकास योजनाओं की जानकारी पार्षदों को नहीं दी जाती है।

मांग के साथ-साथ दिया सुझाव

– पार्षदों की समस्याओं एवं पत्रों का जवाब देने के लिए अलग शाखा का गठन हो।

– निगम कार्यालय में सुविधाओं से लैस पार्षद कक्ष का निर्माण हो।

– छोटे-छोटे एवं जरूरी कार्यो के लिए पार्षद कोष का गठन हो। उनकी अनुशंसा पर कोष से कार्य हो।

– बोर्ड एवं समिति की बैठक से पूर्व पार्षदों से प्रस्ताव मांगा जाए और बैठक के एजेंडे में शामिल किया जाए।

Input : Dainik Jagran

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