गांधी सेतु पर अतिशीघ्र ट्रक और बसों का परिचालन बंद होगा। पथ निर्माण विभाग ने पटना व वैशाली जिला प्रशासन को पत्र लिखकर कहा है कि गांधी सेतु की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि अब उस पर भारी वाहनों का परिचालन संभव नहीं है। तत्काल प्रभाव से सभी तरह के भारी वाहनों का परिचालन गांधी सेतु पर बंद कराया जाए। वहीं गांधी सेतु के समानांतर बनने वाले एक अन्य पीपा पुल के निर्माण का मामला भी अब खत्म हो गया है।

Gandhi Setu

एमओआरटीएच के पत्र पर हुआ निरीक्षण

पथ निर्माण विभाग के एनएच डिवीजन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) ने पथ निर्माण विभाग को यह पत्र लिखा था कि गांधी सेतु की स्थिति जर्जर हो गई है। वर्तमान में केवल एक लेन से ही सभी तरह के वाहनों का परिचालन हो रहा है। कई जगहों पर सेंट्रल हेंज बियरिंग टूूटने की वजह से पुल का डिफ्लेक्शन (झूलने की स्थिति) खतरनाक स्थिति में पहुंच चुकी है। पत्र के आधार पर पथ निर्माण विभाग की टीम ने स्थिति को गंभीर आंकते हुए सभी तरह के भारी वाहनों का परिचालन तत्काल बंद कराने की रिपोर्ट दी।

नहीं बनेगा एक और पीपा पुल

छोटे वाहनों और मोटरसाइकिल के परिचालन के लिए यह तय हुआ था कि गांधी सेतु के समानांतर दो पीपा पुल बनाए जाएंगे। एक पुल का निर्माण तो पिछले वर्ष हो गया और उस पर छोटे वाहन चल भी रहे हैैं। पर दूसरे पीपा पुल का निर्माण अब नहीं होगा।

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ये हैं विकल्प

उत्तर बिहार को दक्षिण बिहार से जोडऩे वाली लाइफ लाइन गांधी सेतु के विकल्प के रूप में जेपी सेतु व आरा-छपरा पुल है। संभव है बड़े वाहनों को आरा-छपरा पुल के रास्ते उत्तर बिहार भेजा जाए और छोटे वाहनों का परिचालन दीघा-सोनपुर पुल यानी जेपी सेतु से हो।

अगले वर्ष जून में तैयार होगा गांधी सेतु की एक लेनGaगांधी सेतु के सुपर स्ट्रक्चर को स्टील  फ्रेम स्ट्रक्चर में बदला जा रहा है। फिलहाल इसके एक लेन पर काम हो रहा है। यह काम अगले वर्ष 30 जून को पूरा होगा।

Input : Dainik Jagran

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