बिना सुई के दी जाने वाली डीएनए आधारित कोविड-19 रोधी वैक्सीन जायडस कैडिला की जायकोव-डी (ZyCov-D) को जल्द ही आने वाले कुछ सप्ताह में बिहार के पांच जिलों में लॉन्च किया जा सकता है. इस मामले की जानकारी रखने वाले राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने रविवार को यह बात बताई । यह पहला ऐसा टीका है, जिसे हमारे देश भारत के औषधि नियामक ने 12 वर्ष और इससे अधिक आयु के लोगों को लगाने की मंजूरी दे दी है।

इस वैक्सीन को ऐसे समय में लाया जा रहा है जब बिहार राज्य मे लगभग 96 प्रतिशत लोगो को पहला खुराक कोविड टीकाकरण हो चुका हैं । स्वास्थ्य अधिकारी शेष आबादी का टीकाकरण कराने के लिए ज़ोर सोर से लगे हुये हैं । बिहार मे में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (HCW), फ्रंटलाइन वर्कर्स (FLW ), और 60 वर्ष से अधिक आयु के सह-बीमारी वाले लोगों के लिए एहतियाती खुराक की प्रतिक्रिया के साथ ही 15 से 18 साल आयु वर्ग के किशोरों का टीकाकरण अब तक ज्यादा उत्साहजनक नहीं रहा है।

इन पांच जिलों में सबसे पहले दी जाएंगी जायकोव-डी (ZyCov-D) वैक्सीन

अधिकारी ने कहा कि बिहार के इन पांच जिलों में सबसे पहले जायकोव-डी (ZyCov-D) वैक्सीन लगाने की शुरुआत की जाएगी जिसमे मुजफ्फरपुर , मधुबनी, जमुई, भागलपुर और पटना के नाम शामिल हैं। बिहार राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसे रोकने का निर्देश देने से पहले पटना में शुक्रवार को 18 साल से अधिक उम्र के तीन लोगों को ZyCoV-D टीका दिया गया था। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले कुछ सप्ताह में बिहार के सीएम श्री नीतीश कुमार के इसे लॉन्च कर सकते हैं।

दुनिया की पहली डीएनए-आधारित वैक्सीन है ZyCov-D

जायडस कैडिला द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित जायकोव-डी (ZyCov-D) दुनिया की पहली डीएनए-आधारित सुई-रहित कोविड-19 वैक्सीन है, जिसे भारत के नियामक प्राधिकरण ने 20 अगस्त को मंजूरी दी थी। इस वैक्सीन की दूसरी और तीसरी खुराक, पहली खुराक के 28 और 56 दिन बाद दी जाती हैं ।

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